अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए T20I सीरीज के तीसरे टी20 मैच में जीत के साथ भारतीय टीम ने 3-0 से क्लीन स्वीप कर दिया। इस जीत के बाद टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने नीतीश कुमार रेड्डी के सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर के तौर पर विकास का समर्थन किया और कहा कि हार्दिक पांड्या को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी से पहले मैच खेलने की ज़रूरत होगी।
तीसरे टी20 मैच के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए गौतम गंभीर ने कहा कि नीतीश कुमार रेड्डी को T20 फॉर्मेट से हटाने से उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ ज़्यादा मैच खेलने का मौका मिलेगा। उन्होंने 2027 ODI वर्ल्ड कप और भारत के साउथ अफ्रीका दौरे से पहले सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर तैयार करने के महत्व पर जोर दिया। वहीं, रेड्डी को पहले एशियाई खेलों की 15-सदस्यीय क्रिकेट टीम में शामिल किया गया था, लेकिन उन्हें हटा दिया गया है और अब वो वेस्टइंडीज़ के खिलाफ भारत की ODI सीरीज में खेलेंगे।
गंभीर ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "नीतीश के नजरिए से, यह बहुत अच्छी बात है कि उन्हें टी20 फॉर्मेट से हटा दिया गया है और उन्हें वेस्टइंडीज़ के खिलाफ भी मैच खेलने का मौका मिलेगा। हम जानते हैं कि एक साल बाद और जब हम साउथ अफ्रीका जाएंगे, तो सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर कितना अहम होगा। और जब हार्दिक वापस आएंगे, तो जाहिर है कि यह अच्छा होगा।"
हार्दिक प्लेइंग-11 में खेल सकते हैं लेकिन...
गंभीर ने आगे कहा कि भारत नीतीश और हार्दिक दोनों को एक ही प्लेइंग-11 में खिला सकता है, लेकिन पांड्या अभी 10 ओवर नहीं फेंक सकते और IPL के बाद से उन्होंने काफ़ी क्रिकेट नहीं खेला है। गंभीर ने आगे कहा, "कभी-कभी हम उन दोनों को प्लेइंग 11 में भी खिला सकते हैं। लेकिन अभी हार्दिक 10 ओवर नहीं फेंक सकते और IPL के बाद से उन्होंने ज़्यादा क्रिकेट नहीं खेला है, इसलिए हम उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट में जल्दी नहीं उतारना चाहते क्योंकि इंटरनेशनल क्रिकेट शरीर के लिए बहुत मुश्किल हो सकता है। इसलिए अगर वह इंडिया-A सीरीज खेलते हैं, तो जाहिर है कि उन्हें खेलने का कुछ समय भी मिलेगा।"
पांड्या के लिए साफ संदेश
गंभीर ने कहा कि हार्दिक के लिए संदेश साफ था, इंडिया A सीरीज़ खेलने और खेलने का काफी समय मिलने से उनके T20 और ODI स्क्वाड में वापसी का रास्ता बन सकता है। भारतीय हेड कोच ने कहा, "और उनके लिए यही साफ संदेश था कि अगर वो इंडिया A सीरीज खेल सकते हैं, और फिर अगर सब कुछ ठीक रहा, तो वह वापसी कर सकते हैं और T20 और वनडे स्क्वाड का हिस्सा भी बन सकते हैं। साथ ही, इस दौरान नितीश को भी खेलने का ज़्यादा समय मिलेगा क्योंकि उन्होंने भी IPL के बाद से ज़्यादा क्रिकेट नहीं खेला है।"
उन्होंने नीतीश की बॉलिंग में हो रहे सुधार का भी ज़िक्र किया और कहा कि टीम में कई सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर होने से फ़ायदा होगा। गंभीर ने कहा, "मुझे लगता है कि यह अच्छी बात है कि हमें एशियन गेम्स के बाद नीतीश मिले हैं, ताकि वह अब खेल सकें। आप देख सकते हैं कि वह जितना ज़्यादा बॉलिंग करते हैं, उतने ही बेहतर होते जाते हैं। और जब आप कुछ सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर तैयार कर लेते हैं, तो यह हमेशा काम आता है।"
अभिषेक शर्मा की शतकीय पारी पर गंभीर की प्रतिक्रिया
अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी20 में अभिषेक शर्मा की रिकॉर्डतोड़ सेंचुरी पर गंभीर ने कहा कि टीम का फोकस व्यक्तिगत माइलस्टोन के बजाय असर (इम्पैक्ट) डालने पर था। गंभीर ने कहा, "मैं यहां बैठकर उनकी 100 रन की पारी के बारे में बात कर सकता हूँ, लेकिन असल बात असर डालने की है। ड्रेसिंग रूम में हम सिर्फ़ इस बात पर चर्चा करते हैं कि हम बल्ले और गेंद से कितना असर डाल सकते हैं। पिछले दो सालों से हमारी यही सोच और रणनीति रही है।"
अभिषेक ने 34 गेंदों पर 108 रन बनाए, जिससे भारत ने 221/7 का स्कोर खड़ा किया। इसके बाद अफ़गानिस्तान की टीम 94 रन पर ऑलआउट हो गई और भारत ने 127 रनों से जीत हासिल करते हुए सीरीज़ 3-0 से अपने नाम की। गंभीर ने पावरप्ले में भारत के 100 रन बनाने को एक बड़ी सकारात्मक बात बताया और कहा कि उनके कोचिंग कार्यकाल में टीम ने पहली बार ऐसा किया है।
गंभीर ने आगे कहा, "टी20 क्रिकेट रन या विकेट के बारे में नहीं है, यह इस बारे में है कि आप कितना असर डाल सकते हैं। संजू और अभिषेक दोनों के लिए, आप आसानी से कह सकते हैं कि एक ने 50 और दूसरे ने 100 रन बनाए, लेकिन मेरे लिए सबसे अच्छी बात यह थी कि हमने पावरप्ले में 100 रन बनाए, जो मेरे कोचिंग कार्यकाल में पहले कभी नहीं हुआ था।"
गंभीर ने कहा कि टीम अपने आक्रामक रवैये को जारी रखेगी और और भी बड़े लक्ष्य तय करेगी। गंभीर ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, "मुझे लगता है कि यह बहुत साफ संदेश था कि अगर आप जोरदार खेल रहे हैं, तो बस जोरदार खेलते रहिए। यही संदेश है और भविष्य में भी यही संदेश रहेगा कि हम अभी तक 300 के स्कोर तक नहीं पहुंचे हैं। तो शायद अगला लक्ष्य यही होगा, क्योंकि हमारे पास जो टैलेंट है, उससे हमें कुछ कमाल का करना चाहिए। इसलिए हमें अभी बहुत कुछ हासिल करना है।"
