क्रिकेट

'आपको अपने मौके का इंतजार करना है, तो करना ही होगा'... वैभव सूर्यवंशी को ना खिलाने पर कोच गंभीर ने कह दी बड़ी बात

Gautam Gambhir On Vaibhav Suryavanshi: भारत के 15 वर्षीय युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी को अफगानिस्तान के खिलाफ पूरी टी20 सीरीज में मौका नहीं मिला और संजू सैमसन को प्राथमिकता दी गई। इसको लेकर जब गौतम गंभीर से सवाल किया गया, तो उन्होंने बेबाकी से अपनी बात रखी।

Image

कोच गौतम गंभीर का वैभव सूर्यवंशी पर बड़ा बयान (BCCI)

टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कहा कि 15 साल के शानदार बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को सीनियर नेशनल टीम में अपने मौके का इंतजार करना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो खिलाड़ी पिछले कुछ सालों से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, वे नए खिलाड़ियों से आगे रहेंगे। गुरुवार को अरुण जेटली स्टेडियम में अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे और आखिरी T20I मैच में भारत की 127 रन की जीत के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने कहा कि जब सूर्यवंशी को मौका मिलेगा, तो उन्हें लंबे समय तक खेलने का मौका दिया जाएगा।

गंभीर ने कहा, "वैभव के नजरिए से बात एकदम साफ थी कि उन्हें अपने मौके का इंतजार करना होगा। हम जानते हैं कि उनमें कितना टैलेंट है और वे क्या कर सकते हैं, लेकिन जो खिलाड़ी पिछले 2-3 सालों से अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, वह हमेशा उस खिलाड़ी से आगे रहेगा जो अभी-अभी टीम में आया है। जब भी उन्हें मौका मिलेगा, उन्हें लंबे समय तक खेलने का मौका मिलेगा। भारतीय क्रिकेट का यही तो मतलब है, हम ड्रेसिंग रूम में कॉम्पिटिशन और टैलेंट चाहते हैं, लेकिन क्रिकेट ऐसे ही चलता है। चाहे आप 15 साल के हों या 30 साल के, जब आपको अपने मौके का इंतजार करना है, तो करना ही होगा।"

गंभीर ने संजू सैमसन के सेलेक्शन का बचाव किया

अफगानिस्तान के ख़िलाफ़ तीनों T20I मैचों में सूर्यवंशी को प्लेइंग XI में शामिल नहीं किया गया था; पूरी सीरीज़ में संजू सैमसन ही खेले। गंभीर ने सैमसन के सेलेक्शन का समर्थन करते हुए कहा कि विकेटकीपर-बल्लेबाज़ के टैलेंट और पिछले प्रदर्शन की वजह से ड्रेसिंग रूम में उनकी जगह बनती है। सैमसन ने सीरीज़ के फ़ैसले वाले मैच में 50 रन बनाए, जबकि उससे पहले वाले मैच में भी उन्होंने हाफ-सेंचुरी लगाई थी।

सैमसन को बाहर रखना मेरे कोचिंग करियर का सबसे मुश्किल फैसला

गंभीर ने कहा, "मुझे लगता है कि ड्रेसिंग रूम में रहने के लिए उनका (सैमसन का) टैलेंट ही काफी है। मुझे लगता है कि उन्होंने दिखा दिया है कि वे क्या कर सकते हैं। कोई बिना टैलेंट के वर्ल्ड कप में 'प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट' नहीं बनता। तो उन्होंने काफी कुछ किया है। जाहिर है, यह मुश्किल था, शायद मेरे कोचिंग करियर का सबसे मुश्किल फैसला उन्हें इंग्लैंड सीरीज से बाहर रखना था, यह देखते हुए कि उससे पहले उन्होंने कैसा प्रदर्शन किया था।" गंभीर ने कहा कि भारत उसी कॉम्बिनेशन के साथ खेलना चाहता था जिसने T20 वर्ल्ड कप जीता था। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ बार नाकाम रहने से अच्छे खिलाड़ी खराब नहीं हो जाते।

उन्होंने कहा, "लेकिन कभी-कभी खिलाड़ी की मौजूदा फॉर्म को भी देखना पड़ता है। इस सीरीज में, मेरी नजर में यह बात बिल्कुल साफ थी कि हम उसी कॉम्बिनेशन के साथ खेलना चाहते थे जो वर्ल्ड कप के समय था। क्योंकि तीन-चार बार नाकाम रहने से वे खिलाड़ी खराब नहीं हो जाते।"

टीम इंडिया की जमकर तारीफ

कोच गौतम गंभीर ने आगे कहा, "हमने जिस तरह की क्रिकेट खेली है, अगर कोई टीम एक वर्ल्ड कप से दूसरे वर्ल्ड कप तक बिना हारे आगे बढ़ती है और वर्ल्ड कप जीतती है, तो पक्का वह एक शानदार टीम है। अचानक एक या दो सीरीज़ के बाद वह खराब टीम नहीं बन जाती, और ये खिलाड़ी दो या तीन बार फेल होने पर खराब खिलाड़ी नहीं बन जाते। इन खिलाड़ियों ने यहां भी यही दिखाया है।"

आखिरी टी20 में अफगानिस्तान को रौंदा, दर्ज की रिकॉर्ड जीत

नई दिल्ली में भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ आखिरी टी20 मैच में 127 रन से जीत हासिल करके सीरीज 3-0 से अपने नाम की। अभिषेक शर्मा ने 34 गेंदों पर 108 रन बनाए, जिसमें 31 गेंदों में शतक भी शामिल था। भारत ने सात विकेट पर 221 रन बनाए और फिर अफगानिस्तान को 14.1 ओवर में 94 रन पर ऑलआउट कर दिया।

वेस्टइंडीज के लिए चुनी गई टीम पर गंभीर का बयान

वेस्ट इंडीज के खिलाफ होने वाली घरेलू वनडे सीरीज के लिए भारत की टीम पर बात करते हुए गंभीर ने माना कि एशियाई खेलों के शेड्यूल का असर टीम चुनने पर पड़ा है, लेकिन उन्होंने कहा कि इससे उभरते हुए खिलाड़ियों को मौके मिलेंगे, जिनमें जम्मू-कश्मीर के तेज़ गेंदबाज़ आकिब नबी और पंजाब के बल्लेबाज नमन धीर शामिल हैं। भारत 27 सितंबर से तिरुवनंतपुरम में वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ़ तीन मैचों की वनडे सीरीज़ की मेज़बानी करने वाला है।

गंभीर ने कहा, "हम जानते हैं कि जब आप एक साल बाद होने वाले वर्ल्ड कप की तैयारी कर रहे हों, तो यह स्थिति आदर्श नहीं होती। लेकिन एशियाई खेलों की टीम बहुत पहले चुनी गई थी, और कभी-कभी चयनकर्ताओं के लिए सबसे अच्छी टीम चुनना मुश्किल होता है। इसलिए, हमें हमेशा पता था कि अगर सबसे अच्छी टीम, यानी मुख्य खिलाड़ी, एशियाई खेलों में जाते हैं, तो हमें वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ इस वनडे सीरीज में शायद थोड़ा समझौता करना पड़ेगा।"

गंभीर ने कहा कि आने वाले तीन वनडे मैचों से नए खिलाड़ियों को व्हाइट-बॉल फॉर्मेट में अपनी काबिलियत दिखाने का मौका मिलेगा और इससे भारत के खिलाड़ियों का पूल बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, "लेकिन इससे दूसरे खिलाड़ियों को भी मौके मिलते हैं। ऐसी सीरीज़ में नमन धीर और आकिब जैसे युवा खिलाड़ियों को स्क्वाड में मौका मिलता है, ताकि वे दिखा सकें कि वे व्हाइट-बॉल फ़ॉर्मेट में कैसा खेल सकते हैं। ज़ाहिर है, खिलाड़ियों का पूल जितना बड़ा होगा, हमारे लिए उतना ही अच्छा है। हमारे पास अगले तीन वनडे मैचों में यह मौका है। आम तौर पर, जब सभी खिलाड़ी उपलब्ध होते हैं, तो कभी-कभी कुछ खिलाड़ियों को मौका नहीं मिल पाता, लेकिन अब आकिब और नमन जैसे खिलाड़ियों को मौका मिलेगा। तो एक तरफ़ से यह अच्छी बात है, लेकिन दूसरी तरफ़, ज़ाहिर है कि हम बेहतरीन खिलाड़ियों को भी टीम में चाहते हैं," उन्होंने कहा।

वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम: शुभमन गिल [कप्तान], रोहित शर्मा, विराट कोहली, रुतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (उपकप्तान), ध्रुव जुरेल, नितीश कुमार रेड्डी, रवींद्र जड़ेजा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज, औकिब नबी, यशस्वी जयसवाल, नमन धीर और गुरनूर बराड़।

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

और पढ़ें
End of Article