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विनेश पर फैसले से पहले हो गया बड़ा खेल..अदालत ने अमेरिकी जिमनास्ट का मेडल छीनकर रोमानिया को दिया

Vinesh Phogat Medal Verdict: विनेश फोगाट पर कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स (CAS) का फैसला आने से पहले एक बड़ी खबर सामने आ गई है। विनेश से मिलते-जुलते एक मामले में अदालत ने सख्त रवैया अपनाते हुए ऐसा फैसला लिया है जिसने एक बार फिर विनेश के पदक की उम्मीदों को जिंदा कर दिया है।

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विनेश फोगाट के मामले पर अदालत का फैसला जल्द (AP)

KEY HIGHLIGHTS
  • विनेश फोगाट का पदक मामला
  • CAS में मिलते-जुलते केस में आया बड़ा फैसला
  • अमेरिकी जिमनास्ट से पदक छीनकर रोमानिया को दिया गया

Vinesh Phogat Case Updates: भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट के पदक का मामला अभी कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स (CAS) में चल रहा है, सुनवाई पूरी हो चुकी है और किसी भी समय फैसला आ सकता है। भारत द्वारा विनेश के लिए सिल्वर मेडल की मांग की गई है क्योंकि मात्र 100 ग्राम वजन ज्यादा होने की वजह से उन्हें फाइनल से ठीक पहले अयोग्य करार दिया गया था और कुछ समय के आग्रह को भी अधिकारियों से सिरे से नामंजूर कर दिया था। इसके बाद विनेश को आखिरी स्थान पर बिना रैंकिंग के खिसका दिया गया था। अब सीएएस में एक मिलते-जुलते मामले में ऐसा फैसला आया है जिससे विनेश के पदक की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

दरअसल, मामला ओलंपिक की जिमनास्टिक प्रतियोगिता से जुड़ा है जहां रोमानिया की जिमनास्ट एना बरबोसू ने अपील कि अमेरिकी जिमनास्ट जॉर्डन चाइल्स को जिमनास्टिक्स फ्लोर एक्सरसाइज के मेडल मुकाबले में 1 मिनट के स्कोर डेडलाइन के बाद फैसला बदला गया। इससे आहत रोमानिया ने सीएएस का दरवाजा खटखटाया और फैसला रोमानिया के पक्ष में गया।

सीएएस के फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) को बयान जारी करना पड़ा, जिसमें लिखा है कि, "आईओसी ब्रॉन्ज मेडल को जॉर्डन (अमेरिका) से लेकर एना बरबोसू (रोमानिया) को सौंपेगी। हम रोमानिया के एनओसी से संपर्क में है कि कैसे पदक को रिलोकेशन सेरेमनी में उनकी खिलाड़ी को लौटाया जाए।"

गौरतलब है कि इस मैच में रोमानिया की खिलाड़ी ने 13.700 अंक अर्जित किए थे। वहीं अमेरिका की जॉर्डन चाइल्स ने 13.666 अंक हासिल किए थे। लेकिन समयसीमा पार होने के बाद अचानक फैसला बदला गया और अमेरिकी जिमनास्ट के अंक 13.766 करते हुए उन्हें विजेता घोषित कर दिया गया। रोमानिया की टीम द्वारा विरोध करने और दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद सीएएस ने हस्तक्षेप करते हुए कांस्य पदक रोमानिया की खिलाड़ी को लौटाने का आदेश दिया गया।

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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