पेरिस: पाकिस्तान के 27 वर्षीय अरशद नदीम ने पेरिस ओलंपिक में इतिहार रच दिया। अरशद नदीम ने पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा में 16 साल पुराना ओलंपिक रिकॉर्ड तोड़कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। अरशद ने 92.97 मीटर दूर भाला फेंककर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। ये उनका दूसरा प्रयास था। अरशद ने अपने आखिरी प्रयास में 91.79 मीटर दूर भाला फेंका। स्पर्धा में टोक्यो ओलंपिक के गोल्ड मेडलिस्ट भारत के नीरज चोपड़ा को मात दी। नीरज चोपड़ा 89.45 मीटर के साथ सिल्वर मेडल हासिल किया। उनके छह में से पांच प्रयास फाउल रहे।
गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले पाकिस्तानी एथलीट
अरशद नदीम ओलंपिक खेलों के इतिहास में व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले पाकिस्तानी एथलीट बन गए हैं। पाकिस्तान का यह ओलंपिक खेलों में 32 साल में पहला मेडल है। पाकिस्तान ने आखिरी मेडल 1992 में बार्सिलोना ओलंपिक में जीता था। पाकिस्तान की हॉकी टीम ने उसमें कांस्य पदक अपने नाम। उसके बाद से पाकिस्तान की झोली खाली रही थी। लेकिन अरशद ने अब गोल्ड जीतकर 32 साल का सूखा खत्म कर दिया है।
पाकिस्तान को दिलाया चौथा गोल्ड
ये पाकिस्तान का ओलंपिक खेलों में 11वें मेडल है। पाकिस्तान के हॉकी में 8 मेडल (3 गोल्ड, 2 कांस्य और तीन सिल्वर) जीते हैं। इसके अलावा बॉक्सिंग और कुश्ती में एक-एक कांस्य पदक जीता है। पाकिस्तान के लिए कुश्ती में कांस्य पदक 1960 में रोम ओलंपिक में मोहम्मद बशीर ने जीता था। वहीं पाकिस्तान के लिए बॉक्सिंग में कांस्य पदक साल 1988 में हुसैन शाह ने सियोल में जीता था। 36 साल बाद पाकिस्तान का कोई प्लेयर ओलंपिक में व्यक्तिगत पदक जीतने में सफल हुआ है।
