Vijayadashami Puja vidhi: विजयदशमी का त्योहार इस साल 12 अक्तूबर 2024 को मनाया जाएगा। विजयदशमी का पर्व हर जगह पर अलग- अलग तरीके से मनाया जाता है। इस दिन रावण दहन के साथ- साथ अस्त्र शस्त्र की पूजा का भी विधान है। नवरात्रि के समापन के दिन विजयदशमी का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन दुर्गा विसर्जन भी किया जाता है। विजयदशमी के पर्व पर खुले मैदान में रावण कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले जलाए जाते हैं। ये दिन विजय प्राप्ति के लिए शुभ माना जाता है। विजयदशमी के दिन रावण का वध कर राम जी ने विजय प्राप्त किया था और इसी दिन मां दुर्गा ने महिषासुर का वध कर देवताओं को राक्षसों से मुक्ति दिलाई थी। आइए जानते हैं विजयदशमी की पूजा विधि के बारे में।
Vijayadashami Puja vidhi (विजयदशमी पूजा विधि)
- विजयदशमी के दिन शस्त्र पूजन करने की परंपरा है।
- इस दिन ईशान कोण में साफ सफाई करने के बाद शस्त्र स्थापित करें।
- उसके बाद सभी शस्त्रों और उपकरणों तिलक चंदन लगाएं।
- इस दिन भगवान राम जी की भी विधिपूर्वक पूजा की जाती है।
- विजयदशमी के दिन अपराजिता की पूजा की जाती है।
- इस दिन शमी पूजा करने से घर में सकारात्मकता आती है।
विजयदशमी पूजन सामग्री (Vijayadashami Puja Samagri)
- गाय का गोबर
- दीपक
- धुप व बत्ती
- जनेऊ
- रोली, मोली चावल
- कुमकुम
- चन्दन
Vijayadashami Puja Shubh Muhurat 2024 (विजयदशमी पूजा शुभ मुहूर्त 2024)
इस साल विजयदशमी का त्योहार 12 अक्तूबर 2024 को मनाया जाएगा। इस दिन विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 03 मिनट से लेकर 02 बजकर 49 मिनट तक रहेगा। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त दोपहर 01 बजकर 17 मिनट से लेकर दोपहर 03 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। इस समय में राम जी की पूजा करना शुभ होगा।
