अध्यात्म

भारत के इन प्रसिद्ध मंदिरों में स्वयं विराजती हैं मां शीतला, दर्शन मात्र से पूरी होती है मनोकामना

Sheetala Mata Temples In India : हिंदू धर्म में शीतला माता को रोगों से रक्षा करने वाली देवी माना जाता है। खासकर चेचक, खसरा और त्वचा से जुड़ी बीमारियों से बचाव के लिए उनकी पूजा की जाती है। देश के कई राज्यों में शीतला माता के प्राचीन मंदिर हैं, जहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। साल 2026 में शीतला अष्टमी 11 मार्च को पड़ रही है। यह समय माता के पूजन के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।

Image

शीतला मंदिर

Sheetala Mata Temples In India : हिंदू पंचांग के अनुसार शीतला अष्टमी चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आती है और इसे कई जगहों पर बसौड़ा भी कहा जाता है। इस दिन शीतला माता की पूजा करके परिवार के स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। मान्यता है कि इस दिन माता को बासी भोजन का भोग लगाया जाता है और श्रद्धा से पूजा करने पर रोग-शोक से रक्षा होती है। पंचांग के अनुसार साल 2026 में शीतला अष्टमी 11 मार्च, बुधवार को मनाई जाएगी। इस दौरान शीतला माता के मंदिरों में विशेष रूप से पूजा अर्चना की जाती है। आइए जानते हैं कि भारत में शीतला माता के मंदिर कहां-कहां स्थित हैं।

गुरुग्राम (हरियाणा) का शीतला माता मंदिर

हरियाणा के गुरुग्राम में स्थित शीतला माता मंदिर देश के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक माना जाता है। इसे कई लोग गुड़गांव वाली माता के नाम से भी जानते हैं। मान्यता है कि यहां दर्शन करने से रोग-कष्ट दूर होते हैं। शीतला अष्टमी और नवरात्र के समय यहां लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।

जयपुर के चाकसू का शील की डूंगरी मंदिर

राजस्थान के जयपुर जिले के चाकसू क्षेत्र में स्थित शीतला माता मंदिर शील की डूंगरी के नाम से प्रसिद्ध है। इस मंदिर का इतिहास काफी पुराना माना जाता है। हर साल शीतला अष्टमी पर यहां बड़ा लक्खी मेला लगता है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु माता के दर्शन करने आते हैं।

लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश) का शीतला माता मंदिर

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में भी शीतला माता का एक प्रसिद्ध मंदिर है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यह मंदिर बहुत प्राचीन है। यहां माता की पूजा विशेष रूप से त्वचा संबंधी रोगों से राहत की कामना के लिए की जाती है।

मऊ (उत्तर प्रदेश) का शीतला माता धाम

उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में माता पोखरा के पास स्थित शीतला माता धाम भी श्रद्धालुओं के बीच काफी प्रसिद्ध है। यहां भक्त चेचक, फोड़े-फुंसी और अन्य रोगों से मुक्ति की कामना करते हुए पूजा करते हैं।

ग्वालियर (मध्य प्रदेश) का शीतला माता मंदिर

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में स्थित शीतला माता मंदिर भी एक ऐतिहासिक और प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यहां पूरे साल श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन शीतला अष्टमी के समय विशेष पूजा और भंडारे का आयोजन होता है।

पटना (बिहार) का शीतला माता मंदिर

बिहार की राजधानी पटना में भी शीतला माता का प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर स्थानीय लोगों के लिए आस्था का बड़ा केंद्र माना जाता है। यहां लोग परिवार की सुरक्षा और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के साथ पूजा करते हैं।

रोगों से रक्षा करती हैं मां शीतला

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शीतला माता को रोगों से रक्षा करने वाली देवी माना जाता है। प्राचीन समय में जब चेचक जैसी बीमारियां फैलती थीं, तब लोग माता की पूजा करके रोगों से बचाव की प्रार्थना करते थे। माना जाता है कि माता की कृपा से परिवार को स्वास्थ्य और सुरक्षा मिलती है। इस दिन महिलाएं बच्चों के स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना से व्रत रखती हैं। माता के पूजन से घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। इसके साथ ही त्वचा और संक्रामक रोगों से रक्षा होती है। जीवन में शांति और समृद्धि आती है।

जानिए मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ और मीन राशि वालों का वार्षिक राशिफल। पढ़ें हिंदी में अध्यात्म से जुड़ी सभी छोटी बड़ी न्यूज़ और ताजा समाचार के लिए जुड़े रहें टाइम्स नाउ नवभारत से|

Mohit Tiwari
Mohit Tiwari author

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ... और देखें

End of Article