Navratri Navami Ram Ji Puja Vidhi: माता के 9 वें रूप की पूजा सिद्धिदात्री के रूप में करते हैं। अष्ट सिद्धियां होती हैं। माता आज ये सभी सिद्धियां और महाविद्या प्रदान करती हैं। माता कमल पे विराजमान हैं। हाथों में कमल,शंख,गदा,सुदर्शन चक्र विराजमान है। माता सरस्वती का भी रूप हैं ये। श्वेत वस्त्र में अलंकृत माता विद्या प्रदान करती हैं। नवरात्र के 9 वें दिन माता दुर्गा के इस रूप की पूजा होती है। कन्याओं को भोजन कराते हैं। कन्याओं की उम्र 2 वर्ष से 10 वर्ष के बीच में हो। कम से कम 9 कन्याएं अवश्य हों। दुर्गाशप्तशती का पाठ भी करें। हवन नवमी में ही होता है। यहां देखें राम जी उपासना की सरल विधि।
Navratri Navami Ram Ji Puja Vidhi (नवरात्रि नवमी राम जी पूजा विधि)
दशहरा दशो दिशाओं में भगवान राम का विजय पर्व है। राम मर्यादापुरुषोत्तम हैं। रावण को मारने के बाद भी ज्ञान प्राप्ति की आकांक्षा रखते हैं। यह है राम की विनम्रता और स्थितिप्रज्ञता कि वह हर पल भक्तों के साथ हैं। राम परमब्रम्ह हैं। वह निराकार व साकार दोनों हैं। श्री राम की उपासना दैहिक,दैविक व भौतिक सन्ताप से मुक्त करती है।
1 श्री राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें।
2 दशहरे के दिन श्री राम दरबार की पूजा करें।
3विजयदशमी के दिन शक्ति पूजन के साथ साथ माता काली की पूजा का जिक्र भी तंत्र में आता है। इसीलिए बंगलामुखी उपासना या अनुष्ठान भी करते हैं।
4 9 दिन माता दुर्गा की पूजन के बाद ही आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी आती है। अतः इस दिन राम की रावण के विजय के प्रतीक के रूप में राम की शक्ति पूजा भी की जाती है।
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06 रामचरितमानस के सुन्दरकाण्ड के पाठ के साथ साथ राम रक्षा स्तोत्र का पाठ भी करें
मां सिद्धिदात्रि पूजा महत्व (Maa Siddhidatri Importance)
मां सिद्धिदात्री को मां सरस्वती का स्वरूप माना जाता है। इनकी उपासना करने से साधक को यश, बल, कीर्ति और धन की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही इनकी पूजा करने से सिद्धियों की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही इनकी कृपा प्राप्त करने से साधक की सारी मनोकामना की पूर्ति होती है। मां सिद्धिदात्री की पूजा करने से पापों से भी मुक्ति मिलती है।
