Russia US China Trilateral Meeting: चीन में होने जा रहे आगामी एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) शिखर सम्मेलन के दौरान वैश्विक राजनीति में एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ सकता है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस सम्मेलन के दौरान एक-दूसरे से मुलाकात कर सकते हैं। रूसी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, क्रेमलिन के सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा है कि यदि अवसर मिलता है, तो दोनों राष्ट्रध्यक्षों के बीच अलग से द्विपक्षीय बातचीत की व्यवस्था की जाएगी।
इसके अलावा, रूसी विदेश उपमंत्री सर्गेई रयाबकोव ने एक बेहद महत्वपूर्ण संभावना का जिक्र करते हुए कहा है कि रूस, चीन और अमेरिका के शीर्ष नेताओं (पुतिन, शी जिनपिंग और ट्रंप) के बीच एक त्रिपक्षीय (Trilateral) बैठक से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की ऐतिहासिक बैठक की तैयारियां अभी शुरुआती दौर में भी नहीं पहुंची हैं, लेकिन यह विचार सार्वजनिक पटल पर आ चुका है। दुनिया की तीन सबसे बड़ी महाशक्तियों का एक साथ एक मंच पर आना वैश्विक भू-राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत हो सकता है।
हाल ही में रूस और अमेरिका के बीच बैकचैनल कूटनीति भी काफी तेज हुई है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने पुष्टि की कि पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर से मुलाकात की है। पेसकोव ने बताया कि इस तरह की उच्चस्तरीय मुलाकातों से साफ है कि दोनों देशों के बीच संवाद के इस माध्यम में आपसी विश्वास काफी मजबूत हो रहा है।
दूसरी ओर, इस कूटनीतिक हलचल का सीधा असर युद्ध के मैदान में भी देखने को मिल रहा है। चल रही राजनयिक वार्ताओं के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने भी संकेत दिए हैं कि कीव रूसी शहरों पर अपने हवाई हमलों को अस्थायी रूप से रोकने के लिए तैयार है। चीन की सरजमीं पर होने जा रहे एपेक सम्मेलन में यदि इन नेताओं की आमने-सामने बातचीत होती है, तो यह वैश्विक शांति और स्थिरता के दृष्टिकोण से एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है।
