अध्यात्म

Shani: 2023 में इस राशि वालों को शनि साढ़े साती से मिलेगी मुक्ति

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 27, 2022, 08:12 AM IST

Shani Sade Sati And Shani Dhaiya 2023: अभी 5 रााशियां शनि साढ़े साती और शनि ढैय्या से पीड़ित हैं। जिनमें से 2023 में 3 राशियों को शनि की दशा से मुक्ति मिल जाएगी।

Image

शनि साढ़े साती और शनि ढैय्या 2023

Shani Transit 2023: शनि का गोचर ज्योतिष नजरिए से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। सभी ग्रहों में ये ग्रह सबसे धीमी गति से राशि बदलता है। शनि को अपनी राशि बदलने में करीब ढाई साल का समय लग जाता है। वर्तमान में शनि ग्रह मकर राशि में विराजमान हैं और 2023 में ये अपनी स्वराशि कुंभ में प्रवेश कर जायेंगे। फिलहाल धनु, मकर और कुंभ वालों पर शनि साढ़े साती चल रही है। जानिए इनमें से किस राशि वालों को 2023 में शनि साढ़े साती से मुक्ति मिल जाएगी।

शनि गोचर 2023 (Shani Gochar 2023)

शनि 23 अक्टूबर को मकर राशि में मार्गी हो गए हैं। 2023 में इनका राशि परिवर्तन 17 जनवरी को होगा। इस दौरान शनि देव अपनी स्वराशि मकर से निकलकर कुभ राशि में प्रवेश करेंगे।

शनि साढ़े साती 2023 (Shani Sade Sati 2023)

शनि साढ़े साती किसी भी व्यक्ति पर साढ़े सात साल तक रहती है। हर व्यक्ति को अपने जीवनकाल में शनि की इस दशा का सामना करना ही पड़ता है। शनि की ये दशा एक साथ 3 राशियों पर चलती है। इस समय धनु, मकर और कुंभ वालों पर शनि साढ़े साती चल रही है। 17 जनवरी 2023 में धनु वालों को इससे मुक्ति मिल जाएगी। जिससे आपके अच्छे दिन शुरू हो जायेंगे।

शनि ढैय्या 2022 (Shani Dhaiya 2023)

शनि ढैय्या एक साथ दो राशियों पर चलती है। इसकी अवधि ढाई साल की होती है। वर्तमान में मिथुन और तुला वालों पर शनि ढैय्या चल रही है। 17 जनवरी 2023 में शनि के कुंभ में जाते ही मिथुन और तुला जातकों को इससे मुक्ति मिल जाएगी। जबकि कर्क और वृश्चिक जातक इसकी चपेट में आ जायेंगे।

शनि देव को प्रसन्न करने के उपाय: मान्यताओं अनुसार शनिवार के दिन शनि देव को प्रसन्न करने के उपाय करने चाहिए। इस दिन शनि दान जरूर करें। शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जरूर जलाएं और जितना हो सके जरूरतमंद लोगों की सहायता करें।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

और पढ़ें
End of Article