Shani Nakshatra Gochar 2026: 9 अक्टूबर 2026 की शाम 7 बजकर 28 मिनट पर न्यायाधीश शनि वक्री अवस्था में उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के चतुर्थ पद में प्रवेश करेंगे। अभी शनि रेवती नक्षत्र के प्रथम पद में वक्री चाल चल रहे हैं। उत्तराभाद्रपद के स्वामी खुद शनि हैं। ऐसे में शनि का अपने ही नक्षत्र में लौटना ज्योतिष की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। शनि यहां अपने स्वभाव के अनुसार अनुशासन, मेहनत, जिम्मेदारी, स्थिरता और कर्मफल को ज्यादा मजबूती से सक्रिय करेंगे। 9 अक्टूबर 2026 से शनि उत्तराभाद्रपद में रहेंगे और 8 फरवरी 2027 तक इसी नक्षत्र में बने रहेंगे।
इस गोचर की एक और खास बात है। उत्तराभाद्रपद का चौथा पद तुला नवांश से जुड़ा है और तुला शनि की उच्च राशि है। शनि के अपने नक्षत्र और उच्च नवांश के इस मेल से शनि के परिणामों में स्थिरता, व्यावहारिकता, जिम्मेदारी और मेहनत के बाद मजबूत उपलब्धि का असर बढ़ता है। चंद्र राशि के आधार पर देखें तो कुछ राशि वालों के लिए यह गोचर विशेष रूप से अच्छा परिणाम देने वाला रह सकता है। आइए जानते हैं कि वे राशियां कौन सी हैं।
वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के लिए शनि 11वें भाव में रहेंगे। 11वां भाव आय, लाभ, नेटवर्क, बड़ी उपलब्धियों और इच्छाओं की पूर्ति का भाव है। यहां अपने ही नक्षत्र में बैठे शनि कमाई के मामलों में मजबूती देंगे। नौकरी करने वालों की आमदनी बढ़ सकती है और लंबे समय से प्रमोशन या इन्क्रीमेंट का इंतजार कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। बिजनेस करने वालों के लिए पुराने क्लाइंट और मजबूत नेटवर्क फायदा देंगे। रुका हुआ पेमेंट मिल सकता है और कमाई के नए रास्ते खुल सकते हैं। शनि का असर तेज लाभ के बजाय धीरे-धीरे लेकिन टिकाऊ आर्थिक ग्रोथ देगा। वृषभ राशि के लिए शनि 9वें और 10वें भाव के स्वामी भी हैं। इस कारण करियर और भाग्य से जुड़े मामलों में यह गोचर खास फायदा दे सकता है।
उपाय: शनिवार को काले तिल का दान करें और शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए शनि 10वें भाव में गोचर कर रहे हैं। 10वां भाव कर्म, नौकरी, कारोबार, पद और प्रतिष्ठा का होता है। शनि के अपने नक्षत्र में आने से करियर में जिम्मेदारियां बढ़ेंगी और इन्हीं जिम्मेदारियों के साथ पद और सम्मान भी बढ़ेगा। जो लोग लंबे समय से नौकरी बदलने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें अच्छी अवसर मिल सकते हैं। कारोबार में अटके हुए प्रोजेक्ट दोबारा आगे बढ़ सकते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का भरोसा बढ़ेगा और अपने काम के दम पर पहचान बनेगी। मिथुन राशि वालों के लिए यह समय खासतौर पर उन लोगों के पक्ष में जाएगा जो मेहनत से पीछे नहीं हटते। शनि यहां मेहनत का ठोस परिणाम देने की स्थिति में हैं।
उपाय: शनिवार को श्रमिक या जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराएं।
टाइम्स नाऊ नवभारत पर ये भी पढ़ें- भयंकर नुकसान उठा सकती हैं ये 7 राशियां, सूर्य-शनि की प्रतियुति छीन सकती है खुशियां!
तुला राशि
तुला राशि के लिए शनि छठे भाव में रहेंगे। छठा भाव कर्ज, रोग, नौकरी, प्रतियोगिता, विरोधी और कोर्ट-कचहरी से जुड़ा है। शनि यहां मजबूत होकर विपक्ष और परेशानियों पर नियंत्रण दिलाते हैं।नौकरी में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, लेकिन तुला राशि वाले अपने प्रदर्शन से आगे निकल सकते हैं। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे लोगों के लिए समय मेहनत को परिणाम में बदलने वाला रहेगा। ऑफिस में विरोध करने वाले लोग कमजोर पड़ेंगे। कर्ज चुकाने और पुरानी आर्थिक परेशानियों को व्यवस्थित करने में भी सफलता मिलेगी। कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में लंबे समय से चल रही स्थिति आपके पक्ष में आगे बढ़ सकती है।
उपाय: शनिवार को काली उड़द और काले तिल का दान करें।
मकर राशि
मकर राशि के स्वामी खुद शनि हैं और इस गोचर में शनि तीसरे भाव में रहेंगे। तीसरा भाव साहस, पराक्रम, प्रयास, कम्युनिकेशन, छोटी यात्राओं और स्किल का होता है। अपने ही नक्षत्र में शनि यहां मेहनत करने की क्षमता को मजबूत करेंगे। मकर राशि वालों को अपने काम में पहले से ज्यादा आत्मविश्वास मिलेगा। नई स्किल सीखने, नई जिम्मेदारी लेने और किसी पुराने काम को दोबारा शुरू करने के लिए समय अच्छा रहेगा। मीडिया, कम्युनिकेशन, सेल्स, मार्केटिंग, टेक्निकल काम और अपने दम पर काम करने वालों को विशेष लाभ मिल सकता है। भाई-बहन से जुड़े पुराने मतभेद दूर होंगे और रिश्तों में स्थिरता आएगी। छोटी यात्राएं और काम के सिलसिले में होने वाली यात्राएं भी फायदे का सौदा बन सकती हैं।
उपाय: शनिवार को हनुमान मंदिर जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें।
कुंभ राशि
कुंभ राशि के स्वामी भी शनि हैं और शनि दूसरे भाव में गोचर करेंगे। दूसरा भाव धन, बचत, परिवार और वाणी का है। अपने नक्षत्र में शनि यहां आर्थिक मामलों में अनुशासन लाएंगे। बचत बढ़ाने और पैसों को सही जगह लगाने का अवसर मिलेगा। लंबे समय से अटका पैसा वापस मिल सकता है। नौकरी में स्थिरता आएगी और कारोबार में आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
परिवार में आपकी बात को महत्व मिलेगा, लेकिन इस दौरान कठोर भाषा से बचना जरूरी रहेगा। शनि दूसरे भाव में हैं, इसलिए संयमित वाणी ही सफलता की कुंजी बनेगी। धन के मामले में अचानक फैसले लेने के बजाय व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ना ज्यादा फायदेमंद रहेगा।
उपाय: शनिवार को जरूरतमंद व्यक्ति को काला कंबल दान करें।
शनि के अपने नक्षत्र में आने से क्या बदलेगा
उत्तराभाद्रपद शनि का अपना नक्षत्र है। इसका असर यह होगा कि शनि अपने मूल गुणों को ज्यादा मजबूती से सामने लाएंगे। मेहनत, अनुशासन, धैर्य, जिम्मेदारी और पुराने कर्मों का परिणाम इस दौरान ज्यादा स्पष्ट दिखाई देगा। यह गोचर उन लोगों के लिए खास तौर पर अच्छा रहेगा जिन्होंने किसी काम को लंबे समय से मेहनत के साथ आगे बढ़ाया है। रुके हुए काम धीरे-धीरे गति पकड़ेंगे, करियर में स्थिरता आएगी और आर्थिक मामलों में मजबूत नींव तैयार होगी। अभी शनि वक्री अवस्था में हैं, इसलिए पुराने काम, पुरानी जिम्मेदारियां और पहले से रुके हुए मामले फिर सामने आ सकते हैं। इस बार उन मामलों को दोबारा संभालकर स्थायी समाधान तक पहुंचने का मौका मिलेगा।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और ज्योतिष विद्या के अच्छे जानकार लेखक द्वारा विश्लेषण करके दी गई है। यह केवल सूचना के लिए दी जा रही है। आपके ऊपर इसका प्रभाव आपकी व्यक्तिगत जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति और महादशाओं पर भी निर्भर करेगा। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
