अध्यात्म

शनि का अपनी प्रिय राशि में गोचर, इन राशियों को शनि ढैय्या और साढ़े साती से मिलेगी मुक्ति

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  • Updated Nov 1, 2022, 09:18 AM IST

Shani Transit 2023: शनि नए साल में अपनी प्रिय राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। जानिए किन राशियों को शनि की दशा से मुक्ति मिल जाएगी।

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शनि गोचर 2023: जानिए किन राशियों को शनि देंगे लाभ

Shani Dhaiya And Shani Sade Sati 2023: ज्योतिष अनुसार मकर, कुंभ और तुला ये तीनों ही राशियां शनि देव की सबसे प्रिय मानी जाती हैं। शनि इस समय अपनी स्वराशि मकर में विराजमान हैं और इसके बाद ये कुंभ राशि में प्रवेश कर जायेंगे। शनि किसी भी राशि में ढाई साल तक विराजमान रहते हैं। शनि की दशा दो तरह की होती है एक शनि ढैय्या और दूसरी शनि साढ़े साती। शनि ढैय्या एक साथ दो राशियों पर रहती है तो शनि साढ़े साती तीन राशियों पर। यहां आप जानेंगे शनि कब बदलेंगे राशि और किन राशियों को शनि की दशा से मिलेगी मुक्ति।

शनि गोचर 2023 (Shani Gochar 2023)

शनि 17 जनवरी दिन मंगलवार में रात 8 बजकर 2 मिनट पर अपनी राशि बदलेंगे। इस दौरान शनि मकर से कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। फिर इस राशि में शनि 29 मार्च 2025 तक विराजमान रहेंगे। 2025 में शनि मीन राशि में प्रवेश कर जायेंगे।

इन्हें मिलेगी शनि ढैय्या से मुक्ति: शनि जैसे ही 17 जनवरी 2023 में कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे वैसे ही मिथुन और तुला राशि वालों को शनि ढैय्या से मुक्ति मिल जाएगी। लेकिन इस दौरान कर्क और वृश्चिक वाले इसकी चपेट में आ जायेंगे।

इन्हें मिलेगी शनि साढ़े साती से मुक्ति: शनि के 2023 में कुंभ राशि में प्रवेश करते ही धनु जातकों को शनि साढ़े साती से मुक्ति मिल जाएगी वहीं मीन राशि वाले इसकी चपेट में आ जायेंगे। जबकि मकर वालों पर शनि साढ़े साती का आखिरी चरण तो कुंभ वालों पर इसका दूसरा चरण शुरू हो जायेगा। बता दें शनि साढ़े साती के तीन चरण होते हैं जिनमें हर चरण की अवधि ढाई साल की होती है। इन तीनों चरणों में शनि साढ़े साती का दूसरा चरण सबसे कष्टदायी माना जाता है।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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