शनि साढ़े साती (Shani Dhaiya) की तरह ही शनि ढैय्या का भी प्रभाव पड़ता है। बस अंतर इतना है कि शनि साढ़े साती की अवधि पूरे साढ़े सात साल की होती है वहीं शनि ढैय्या की अवधि ढाई साल की होती है। शनि साढ़े साती एक साथ 3 राशियों पर चलती है तो वहीं ढैय्या एक साथ दो राशियों पर रहती है। शनि जब भी अपनी राशि बदलते हैं तो किन्हीं दो राशियों पर से शनि ढैय्या समाप्त हो जाती है तो वहीं 2 राशियों पर ये शुरू हो जाती है। जानिए 2022 में किन पर चल रही है शनि की ढैय्या और कब इन्हें मिलेगी इससे मुक्ति।
शनि ढैय्या 2022 (Shani Dhaiya 2022)
वर्तमान में मिथुन और तुला वालों पर शनि ढैय्या चल रही है। 12 जुलाई 2022 से ही ये राशियां शनि ढैय्या से पीड़ित हैं। बता दें इन दोनों राशियों पर शनि ढैय्या की शुरुआत 24 जनवरी 2020 से हुई थी। हालांकि 29 अप्रैल 2022 में शनि के कुंभ राशि में जाने पर इन दोनों राशियों को इससे मुक्ति मिल गई थी। लेकिन इसी साल 12 जुलाई को शनि के मकर राशि में फिर से आने पर ये दोनों राशियां फिर से शनि ढैय्या की चपेट में आ गई थीं। 2022 में पूरे साल इन दोनों राशि के लोगों पर शनि ढैय्या रहेगी।
मिथुन और तुला वालों को शनि ढैय्या से कब मिलेगी मुक्ति? (Shani Dhaiya On Mithun And Tula)
शनि के राशि बदलते ही इन दोनों राशियों को शनि ढैय्या से मुक्ति मिल जाएगी। अब सवाल ये उठता है कि शनि अपनी राशि कब बदलेंगे? तो बता दें कि 17 जनवरी 2023 में शनि मकर से निकलकर कुंभ में प्रवेश कर जायेंगे। इस राशि में प्रवेश करते ही मिथुन और तुला राशि के जातक शनि ढैय्या से पूरी तरह से मुक्ति हो जायेंगे। यानी इन राशियों को अभी 17 जनवरी 2023 तक का इंतजार करना पड़ेगा।
2023 में किन पर शुरू होगी शनि ढैय्या? (Shani Dhaiya 2023)
शनि जैसे ही 2023 में 17 जनवरी को कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे वैसे ही कर्क और वृश्चिक वालों पर शनि ढैय्या शुरू हो जाएगी। फिर इन राशियों पर शनि ढैय्या 29 मार्च 2025 तक रहेगी।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
