अयोध्या पहुंचे 500 किलो सोने में ढले रामलला, जानें कितने दिन में, कैसे और कहां तैयार हुई ये भव्य प्रतिमा
- Authored by: मेधा चावला
- Updated Dec 24, 2025, 12:36 PM IST
Ramlalla 500 kg Gold Idol: अयोध्या नगरी राम लला के आने से एक बार फिर भावविभोर है। इस बार रामलला की जो मूर्ति आई है वो 500 किलो सोने से बनी है। बताया जा रहा है कि 2025 में ही इस मूर्ति का अनावरण हो जाएगा। जानें कहां से आई रामलला की सोने की मूर्ति, किस आर्टिस्ट ने कितने दिन में की तैयार, कौन सी है शैली आदि की पूरी जानकारी।
अयोध्या पहुंची रामलला की सोने से बनी 500 किलो की भव्य मूर्ति
Ramlalla 500 kg Gold Idol: अयोध्या में आस्था और भक्ति का एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। कर्नाटक से निर्मित ₹200 करोड़ मूल्य की भव्य रामलला सरकार की मूर्ति के आगमन ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस दिव्य प्रतिमा का अयोध्या पहुंचना न केवल एक धार्मिक घटना है, बल्कि भारतीय संस्कृति, शिल्पकला और सनातन परंपरा के गौरवशाली स्वरूप का सशक्त प्रतीक भी है।
रामलला की सोने की मूर्ति की खूबी
करीब 500 किलोग्राम वजनी यह मूर्ति सोने, चांदी और हीरों के दुर्लभ एवं विशेष मिश्रण से तैयार की गई है। इसकी भव्यता, चमक और सूक्ष्म नक्काशी इसे भारत में अब तक निर्मित सबसे मूल्यवान धार्मिक मूर्तियों में शामिल करती है। मूर्ति के चेहरे की भाव-भंगिमा से लेकर वस्त्रों और आभूषणों तक, हर पहलू में अद्भुत कलात्मक कौशल दिखाई देता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसकी कारीगरी भारतीय पारंपरिक शिल्प की उत्कृष्ट मिसाल है।

तंजावुर पेंटिंग शैली में बनी है ये मूर्ति
किस आर्टिस्ट ने बनाई है ये मूर्ति
कर्नाटक की जयश्री फणीश ने रामलला की यह अद्भुत मूर्ति तैयार की है जिसे माणिक, पन्ना, मूंगा, हीरे-मोती और सोने से सजाया गया है। यह मूर्ति तंजावुर पेंटिंग शैली में बनी है। इसका आकार भी एकदम भव्य है। राम लला भी मूर्ति 10 फीट ऊंची, 6 फीट चौड़ी , 2.5 फीट गहरी है। इसका वजन 500 किलो है। मूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए शीशम की लकड़ी का फ्रेम चुना गया है।

रामलला की अद्भुत मूर्ति की जानकारी
कितने दिन में तैयार हुई मूर्ति
जयश्री फणीश ने दैनिक भास्कर को यह जानकारी है कि रामलला की इस भव्य प्रतिमा को बनाने में जयश्री 2832 घंटे का समय लगा है। इसे तैयार होने में करीब 9 महीने का समय लगा। जबकि कर्नाटक से अयोध्या पहुंचने के लिए राम लला की इस मूर्ति को 6 दिन का समय लगा और कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच यह 1900 किलोमीटर की यात्रा कर अयोध्या पहुंची है।

मूर्ति की कीमत 200 करोड़ आंकी जा रही है
ऐसा भव्य है मूर्ति का स्वरूप
इस मूर्ति की एक खूबी ये भी है कि इसमें रामलला के साथ दशावतार, गरुड़, ब्रह्मा, शिव, आंजनेय, नंदी, नवग्रह, शंख, चंक्र, स्वास्तिक आदि भी खूबसूरती से उकेरे गए हैं। बताया जा रहा है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट ने इस कलाकृति को स्वीाकर कर लिया है और 29 दिसंबर को इसका अनावरण किया जाएगा।
कितनी है कीमत
संग्रहालय में रखी जाने वाली इस मूर्ति की अनुमानित लागत 200 करोड़ रुपये बताई जा रही है।