Prediction of Year 2023: कई सारे उतार-चढ़ावों के बाद साल 2022 अलविदा कहने की ओर बढ़ रहा है। वहीं साल 2023 आने वाला है। हर कोई चाहता है कि यह नया साल सभी के लिए बेहद खास और सुखद रहे। नए साल में लोगों के अधूरे काम और सभी सपने पूरे हों। ऐसे में नए साल को लेकर भविष्यवक्ता क्या कहते हैं ये भी काफी महत्वपूर्ण हो जाता है। इन भविष्यवाणियों में कितनी सच्चाई है, ये बताना जरा टेढ़ी खीर है। हां, ये बात जरूर है कि कुछ लोगों इनमें काफी विश्वास रखते हैं। भविष्य के प्रति आशंकित हर कोई जानने को उत्सुक रहता है कि आने वाला साल उनके लिए कैसा रहेगा।
वर्ष 2023 को लेकर मशहूर भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस ने बड़ी भविष्यवाणी की है। जिसके अनुसार आने वाले नए साल 2023 में थर्ड वर्ल्ड वॉर होने की पूरी आशंका है। नास्त्रेदमस ने अपनी भविष्यवाणी में लिखा था कि 7 माह युद्ध चलेगा। उन्होंने लिखा था कि गलत कार्यों की वजह से कई लोगों की मौत होगी। अब कई लोग इसे विश्वयुद्ध से जोड़कर देख रहे हैं। इधर, रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे वॉर को लेकर अब आशंका जताई जा रही है कि ताइवान और चाइना में भी तल्खी बढ़ेगी। जिससे थर्ड वर्ल्ड वॉर का होना तय माना जा रहा है।
मंगल से रोशनी गिरने का उल्लेख
बता दें कि नास्त्रेदमस ने अपनी एक भविष्यवाणी में मंगल की रोशनी गिरने का उल्लेख किया था। जिस पर लोग अनुमान लगा रहे हैं कि आने वाले समय में इंसान मंगल ग्रह पर जा सकता है। आगामी नववर्ष में नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी में किसी मकान पर आकाशीय आग गिरने की बात कही है। वहीं अन्य घोषणाओं में बाढ़ के बाद एक ऐसे वर्ष की बात कही गई है, जिसमें दो मुखिया चुने जाएंगे।
संत अच्युतानंद की भविष्यवाणी 2023 में फैलेगी भुखमरी
वहीं साल 2023 को लेकर संत अच्युतानंद ने भी भविष्यवाणी की है। ओडिसा में आज से करीब 500 साल पहले संत अच्युतानंद ने अपनी भविष्य मालिका की किताब में पृथ्वी की धुरी बदलने सहित भयंकर बाढ़, भुखमरी और भूकंप के दौर का उल्लेख किया था। संत ने साल 2019 से 2028 के बीच युग परिवर्तन की स्थिति बनने का जिक्र भी अपनी पुस्तक में किया है। उन्होंने ये भी लिखा है कि 17 जनवरी 2023 को शनि पुन कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे आपसी तनाव के कारण कई देशों में युद्ध शुरू हो जाएंगे। ऐसे में नास्त्रेदमस और संत अच्युतानंद की भविष्यवाणियों में कुछ समानताएं भी दिख रही हैं।
(डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।
