अध्यात्म

31 May 2025 Panchang: पंचांग से जानें कब से कब तक रहेगा राहुकाल, क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त और संयोग

31 May 2025 Panchang (आज का पंचांग 31 मई 2025): आज शनिवार के दिन घर की छत पर विहंगों को दाना -पानी दें। हनुमान चालीसा का 07 पाठ करना बेहतर है। जीवन में सफलता के लिए गंगा जल में तिल व इत्र डालकर भगवान शिवलिंग को अर्पित करें। यहां देखें संपूर्ण पंचांग।

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aaj ka panchang 31 may 2025 in hindi

31 May 2025 Panchang (आज का पंचांग 31 मई 2025): आज ज्येष्ठ माह शुक्ल पक्ष पंचमी है। दिवस शनिवार है। हनुमान जी की पूजा बहुत ही पुण्यदायी होती है। आज भगवान राम जी की उपासना करें।किसी शिव मंदिर परिसर में पीपल सहित कुछ वृक्षारोपण करें। शनिवार व्रत रहें।दिन भर फलाहार रहें। विधिवत नियम पूर्वक व्रत तथा दान पुण्य करने से पूर्व जन्म के पापों का शमन होता है।हनुमान जी को पीपल के पत्ते की माला अर्पित करें। ज्येष्ठ माह में जल भरा घड़ा व फलों का दान करना बहुत फलित होता है ।मन का निर्मल व सात्विक होना बहुत ही आवश्यक है। घर की छत पर विहंगों को दाना -पानी दें। गौ शाला जाएं, वहां गौ माता को रोटी,गुड़,चारा ,पालक इत्यादि खिलाने से अखण्ड पुण्य की प्राप्ति होती है।सुंदरकांड का पाठ करने से सभी कष्ट समाप्त होते हैं।आज शनि के बीज मंत्र का जप करें। एकदम नियम पूर्वक पूजा पाठ करें।आज मीठा ,गुड़ ,फल व जल का दान -पुण्य अनन्त गुना फ़लदायी होता है।आज व्रत भी रख सकते हैं।बालक,वृद्ध व रोगी व्रत से बचें व केवल पूजा पाठ करें। माता -पिता का आशीर्वाद लें।हनुमान चालीसा का 07 पाठ करना बेहतर है।गो माता को रोटी व गुड़ खिलाएं।मन की निर्मलता व हृदय में भक्ति भाव रखते हुए हनुमान जी के सम्मुख सीता राम नाम का संकीर्तन करें।श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करने से भगवान विष्णु जी की अविरल भक्ति प्राप्त होती है।शनि न्याय का कारक ग्रह है। जीवन में सफलता के लिए गंगा जल में तिल व इत्र डालकर भगवान शिवलिंग को अर्पित करें। पीपल की पूजा करें।पीपल की 07 परिक्रमा करें। दीप दान करें।

पंचांग 31 मई 2025-

संवत- विक्रम संवत 2082 माह-ज्येष्ठ,शुक्ल पक्ष

तिथि- पंचमी 08:26 pm तक फिर खष्ठी

पर्व- ज्येष्ठ शनि व्रत

दिवस- शनिवार, सूर्योदय- 05:08 am, सूर्यास्त- 7:09pm

नक्षत्र- पुष्य09:09 pm तक फिर आश्लेषा

चन्द्र राशि- कर्क,स्वामी ग्रह -चन्द्रमा

सूर्य राशि- वृष

करण- बव 08:45 am तक फिर बालव

योग- वृद्धि10:45 am तक फिर ध्रुव

शुभ मुहूर्त-

1) अभिजीत-11:53am से 12:46 pm तक

2) विजय मुहूर्त-02:23pm से 03:25pm तक

3) गोधुली मुहूर्त--06:23pm से 07:23pm तक

4) ब्रम्ह मुहूर्त-4:08m से 05:06am तक

5) अमृत काल-06:07am से 07:42am तक

6) निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:40से 12:25तक रात

7) संध्या पूजन- 06:21pm से 07:09pm तक

दिशा शूल- पूर्व दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें।दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त-

राहुकाल- प्रातःकाल 09 बजे से 10:30 बजे तक

क्या न करें- शनि न्याय का कारक ग्रह है।किसी के साथ अन्याय मत करें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराज author

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़... और देखें

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