देश

Ram Mandir Trust CEO: राम मंदिर के पहले 'सीईओ' बनने का मौका, योग्यता, एजुकेशन और क्या होगा काम, जानें पूरी डिटेल

Ram Mandir Trust CEO: राम मंदिर सीईओ पद पूरी तरह से ट्रस्‍ट के अधीन होगा और वह एक वेतनभोगी कर्मचारी की तरह राम मंदिर के लिए समर्पित रहेगा। सीईओ चयन के लिए बनी समिति ने पात्रता के मानक तय कर दिए हैं।

Image

राम मंदिर सीईओ पद पूरी तरह से ट्रस्‍ट के अधीन होगा (फाइल फोटो)

Ram Mandir Trust CEO: राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बाद सीईओ (Ram Mandir Trust CEO) की नियुक्ति प्रक्रिया में तेज हो गई है। श्रीराम जन्‍मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्‍ट की तरफ से सीईओ को वेतन और आवास उपलब्‍ध कराया जाएगा। यह पद पूरी तरह से ट्रस्‍ट के अधीन होगा और वह एक वेतनभोगी कर्मचारी की तरह राम मंदिर के लिए समर्पित रहेगा। सीईओ चयन के लिए बनी तीन सदस्‍यीय समिति ने पात्रता के मानक तय कर दिए हैं।

इच्‍छुक अभ्‍यर्थी 18 जुलाई तक आवेदन कर सकेंगे। अभ्‍यर्थी की शैक्षिक योग्‍यता ग्रेजुएशन है। इसके साथ प्रशासन या वित्‍तीय प्रबंधन क्षेत्र में कम से कम 20 साल का अनुभव होना चाहिए। वह ट्रस्ट के महासचिव को रिपोर्ट करेगा।

CEO पद पर नियुक्ति तीन साल के लिए होगी

आवेदक का हिंदू धर्म का अनुयायी, राम भक्त होना अनिवार्य शर्त है। सीईओ पद पर नियुक्ति 3 साल के लिए होगी। राम मंदिर ट्रस्‍ट की अगली बैठक 22 जुलाई को होनी है। संभावना जताई जा रही है कि इस बैठक से पहले ही नए सीईओ का नाम तय हो जाएगा।

तीन सदस्‍यीय बैठक में सीईओ चयन प्रकिया पर विचार विमर्श

शनिवार को नई दिल्‍ली में हुई तीन सदस्‍यीय बैठक में सीईओ चयन प्रकिया पर विचार विमर्श हुआ। इस समिति में रिटायर्ड न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावरे (श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट, शिरडी के पूर्व अध्यक्ष) शामिल हैं।

अब देश की शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है

वहीं अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर को मिलने वाले दान और चंदे की राशि में वित्तीय अनियमितताओं के मामले ने अब देश की शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की स्वतंत्र और अदालत की निगरानी में जांच की मांग करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहाना की तीन सदस्यीय पीठ (Bench) ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पहले से गठित विशेष जांच दल (SIT) से अब तक की जांच की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article