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निर्जला नहीं तो इन 3 तीन तरीकों से रख सकते हैं एकादशी व्रत, मिलेगा निर्जला के समान ही फल

Nirjala Ekadashi: निर्जला एकादशी का व्रत सबसे कठिन माना जाता है। यदि आप निर्जला व्रत नहीं कर सकते हैं, तो आपको कुछ आसान तरीके अपना लेने चाहिए। इससे आपको व्रत का संपूर्ण फल मिल जाएगा।

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निर्जला एकादशी व्रत कैसे आसान बनाएं

Nirjala Ekadashi: निर्जला एकादशी व्रत हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण लेकिन कठिन व्रतों में से एक माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की आराधना करते हुए लोग बिना अन्न और जल ग्रहण किए पूरे दिन उपवास करते हैं। मान्यता है कि इस एक दिन के व्रत का पालन करने से साल भर की सभी एकादशियों का पुण्य मिलता है। हालांकि हर व्यक्ति के लिए गर्मी के दिनों में दिनभर निर्जल रहना संभव नहीं हो सकता है। लोगों के सामने उम्र, हेल्थ प्रॉब्लम, गर्भावस्था, अत्यधिक गर्मी या अन्य हेल्थ कंडीशन होती हैं, जो काफी मुश्किल पैदा कर सकती हैं। आइए जानते हैं निर्जला एकादशी व्रत (Nirjala Ekadashi Vrat) करके के कुछ आसान तरीके जिससे व्रत आसान होगा और इसका पुण्य भी नहीं घटेगा।

जल ग्रहण करके करें व्रत

यदि आपकी सेहत आपको पूरे दिन बिना पानी के रहने की अनुमति नहीं दे रही है, तो जलाहार का विकल्प अपनाया जा सकता है। इस दौरान व्यक्ति अपना पूरा दिन केवल पानी पीकर उपवास रख सकता है। इसके अलावा कुछ लोग नींबू पानी या नारियल पानी का सेवन भी कर सकते हैं। व्रत में इस नियम को अपनाने से शरीर में ऊर्जा का स्तर बना रहेगा और डिहाइड्रेशन की समस्या नहीं होगी। क्योंकि यह व्रत भीषण गर्मी के दिनों में आता है, इसलिए पानी का विकल्प अपनाया जा सकता है।

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फलाहार से करें व्रत

फलाहार एकादशी व्रत का सबसे लोकप्रिय और सेफ ऑप्शन है। सुबह स्नान और पूजन के बाद फल, दूध, दही या व्रत में उपयोग होने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन किया जा सकता है। इसमें सिंघाड़े, कुट्टू का आटा, मूंगफली, मखाना और साबूदाना जैसी चीजें फलाहार में शामिल की जाती हैं। शरीर को आवश्यक ऊर्जा प्रदान करती हैं। इस तरह आपका व्रत भी पूरा होगा और सेहत पर भी असर होने की संभावना खत्म हो जाएगी।

आंशिक उपवास से करें व्रत

व्रत करने का आसान तरीका आंशिक उपवास भी है। जी हां बुजुर्गों, बीमार व्यक्तियों या अत्यधिक मेहनत करने वाले लोगों के लिए आंशिक उपवास भी व्रत करने का एक अच्छा विकल्प हो सकता है। ऐसे लोग सुबह से शाम तक व्रत का पालन करते हैं और शाम के समय सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। भोजन में अन्न और सामान्य नमक का उपयोग नहीं करना होता है। व्रत करने का यह तरीका उन लोगों के लिए बेहतर है, जो दिनभर निर्जला व्रत का पालन नहीं कर सकते हैं।

व्रत के कुछ जरूरी नियम

निर्जला एकादशी व्रत में केवल भोजन और जल का त्याग करना ही पर्याप्त नहीं होता है। इस दिन भगवान विष्णु का स्मरण, मंत्र जाप, पूजा-पाठ और सकारात्मक विचारों का पालन भी आवश्यक होता है। हालांकि एकादशी व्रत में अन्न और विशेष रूप से चावल का सेवन नहीं करना चाहिए। धार्मिक मान्यता है कि एकादशी के दिन चावल नहीं खाना चाहिए।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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