Laddo Gopal Puja Rules At Home: हिंदू धर्म में कई देवी-देवताओं के साथ ही भगवान कृष्ण की पूजा को भी महत्वपूर्ण माना गया है। भगवान कृष्ण को श्री हरि विष्णु के अवतार के रूप में पूजा जाता है। सभी घरों में प्रतिदिन इनकी पूजा अर्चना की जाती है। भगवान कृष्ण को अलग-अलग नामों से जाना जाता है कोई उन्हें ठाकुर जी कहता है, कोई लड्डू गोपाल तो कोई कृष्णा जी के नाम से इन्हें संबोधित करता है। लड्डू गोपाल भगवान श्री कृष्ण के बचपन का नाम है। माता यशोदा और गोकुलवासी उन्हें इसी नाम से पुकारते थे। घर पर यदि आपने कान्हा जी का बाल स्वरूप स्थापित किया है, तो उनकी सेवा करने के कुछ नियम होते हैं, जिनका पालन करना जरूरी होता है। घर पर लड्डू गोपाल की सेवा उसी प्रकार की जाती है जैसे कोई नवजात शिशु को उसकी मां द्वारा किया जाता है। अगर आपके घर भी लड्डू गोपाल हैं तो इन नियमों का पालन जरूर करें।
लड्डू गोपाल को घर में रखने के कुछ नियम
सुबह कराएं स्नान
सुबह उठकर सबसे पहले खुद स्नान करें। इसके बाद लड्डू गोपाल को भी स्नान कराएं। लेकिन इस बात का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है कि जिस प्रकार कोई घर का सदस्य सर्दी के मौसम में गर्म पानी का इस्तेमाल करता है और गर्मी के मौसम में ठंडे पानी का इस्तेमाल करता है, उसी प्रकार लड्डू गोपाल को भी मौसम के अनुसार गर्म या ठंडे पानी से स्नान कराना चाहिए। इसके बाद उन्हें सुंदर और चमकीले लाल, पीले और हरे रंग के वस्त्र पहनाएं। लड्डू गोपालजी को मौसम के अनुसार वस्त्र भी पहनाएं। सर्दियों के मौसम में लड्डू गोपाल को ऊनी या गर्म कपड़े पहनाने चाहिए। आप बाजार से भी इसे खरीद सकते हैं या खुद घर पर भी बना सकते हैं।
भोजन का रखें ध्यान
लड्डू गोपाल की पूजा-अर्चना करने के बाद उनके भोजन का भी खास ख्याल रखें। क्योंकि जिस प्रकार हमें भूख लगती है ठीक उसी प्रकार उन्हें भी भूख लगती है। जब भी घर-परिवार के लिए भोजन बनाएं तो सबसे पहले लड्डू गोपाल को भोग लगाएं। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि लड्डू गोपाल को भोग लगाने वाला भोजन सात्विक होना चाहिए।
लोरी सुनाएं
घर पर छोटे बच्चों को लोरी सुनाया जाता है। ठीक उसी तरह से आप लड्डू गोपाल को लोरी सुनाएं। माता यशोदा अपने कान्हा को प्रतिदिन लोरी सुनाया करती थीं। कान्हा को लेकर कई गीत और लोरियां है।
लड्डू गोपाल को दें कोई नाम
घर पर लड्डू गोपाल को स्थापित करने के बाद वे भी घर-परिवार के सदस्यों के समान होते हैं। जिस तरह के आप घर के किसी व्यक्ति को नाम देते हैं, उसी तरह लड्डू गोपाल का भी आप नाम रख सकते हैं।
धूमधाम से मनाएं जन्मोत्सव
जन्माष्टमी का दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। घर पर जैसे आप अपने बच्चों का हर साल जन्मदिन मनाते हैं, ठीक उसी तरह जन्माष्टमी के दिन लड्डू गोपाल का भी जन्मदिन धूमधाम से मनाना चाहिए। इसके अलावा आप जिस दिन अपने घर पर लड्डू गोपाल को स्थापित करते हैं उस दिन को भी उनके आगमन दिवस के रूप में मना सकते हैं। इसके अलावा विशेष पर्व-त्योहारों पर भी लड्डू गोपाल की पूजा-पाठ करें और नए-नए वस्त्र पहनाएं।
डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।
