Krishna Janmashtami 2023: कृष्ण जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा विधि-विधान से करने से सारी मनोकामना पूरी होती है। इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व दो दिन तक मनाया जाएगा। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा पूरे देश में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं जल्द से जल्द पूरी हो जाती हैं। इस बार जन्माष्टमी का पर्व दो दिन मनाया जाएगा। गृहस्थ वाले 6 सितंबर और वैष्णव 7 सितंबर को मनाएंगे। जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण की इस स्तुति का पाठ करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।
श्री कृष्ण स्तोत्र
वन्दे नवघनश्यामं पीतकौशेयवाससं।सानन्दं सुन्दरं शुद्धं श्रीकृष्णं प्रकृतेः परम्॥१॥
राधेशं राधिकाप्राणवल्लभं वल्लवीसुतं।
राधासेवितपादाब्जं राधावक्षःस्थलस्थितम्॥२॥
राधानुगं राधिकेशं राधानुकृतमानसं।
राधाधारं भवाधारं सर्वाधारं नमामि तम्॥३॥
राधाहृत्पद्ममध्ये च वसन्तं सन्ततं शुभं।
राधासहचरं शश्वद्राधाज्ञापरिपालकम् ॥४॥
ध्यायन्ते योगिनो योगात् सिद्धाः सिद्धेश्वराश्च यम्।
तं ध्यायेत् सन्ततं शुद्धं भगवन्तं सनातनम् ॥५॥
सेवने सततं सन्तो ब्रह्मेशशेषसंज्ञकाः।
सेवन्ते निर्गुणब्रह्म भगवन्तं सनातनं॥६॥
निर्लिप्तं च निरीहं च परमानन्दमीश्वरं।
नित्यं सत्यं च परमं भगवन्तं सनातनं॥७॥
यं सृष्टेरादिभूतं च सर्वबीजं परात्परं।
योगिनस्तं प्रपद्यन्ते भगवन्तं सनातनं॥८॥
बीजं नानावताराणां सर्वकारणकारणं।
वेदाऽवेद्यं वेदबीजं वेदकारणकारणम् ॥९॥
