फर्स्ट डेट किसी के लिए भी यादगार होती है। इसी पहली डेट पर एक ऐसा पड़ाव आता है जब दोनों असमंजस में पड़ जाते हैं। दरअसल जब खाने के बाद टेबल पर बिल आता है, तो दोनों के मन में एक ही सवाल चलता है- बिल कौन भरेगा? क्या आधा-आधा बांटें, जिसने बुलाया था वो दे या फिर लड़के को ही पर्स निकालना चाहिए? इस उलझन को दूर करने के लिए इमोशनल और मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट्स ने बेहद काम की सलाह दी है।
बिल देने की नीयत दोनों की होनी चाहिए
एक्सपर्ट का कहना है कि आखिर में बिल कौन भरता है, इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। असल बात यह है कि क्या दोनों ही लोग बिल देने की पेशकश कर रहे हैं या नहीं। कई बार पहली डेट पर दो लोग टेबल पर चुपचाप बैठकर यह देखने का इंतजार करते हैं कि सामने वाला क्या कदम उठाता है। एक्सपर्ट के मुताबिक, यह व्यवहार सही नहीं है।
पैसे के पीछे छिपी होती है सोच
मनोवैज्ञानिक नजरिए से देखें तो लोग फर्स्ट डेट के बिल को एक सीक्रेट टेस्ट की तरह लेने लगते हैं, जो कि नहीं होना चाहिए। फर्स्ट डेट का मकसद एक-दूसरे को समझना और अच्छा वक्त बिताना होता है, न कि यह देखना कि बिल की रेस में कौन जीतता है।
बिल हैंडल करने के 3 आसान और सही तरीके
अगर आप इस स्थिति को बिना किसी हिचकिचाहट या शर्मिंदगी के संभालना चाहते हैं, तो इन तरीकों को अपना सकते हैं:
दोनों पहल करें: बिल आते ही जेब में हाथ सिर्फ एक का नहीं, दोनों का जाना चाहिए। सामने वाले को महसूस होना चाहिए कि आप उस पर बोझ नहीं बनना चाहते।
आधा-आधा बांट लें: अगर आप बिल्कुल झंझट नहीं चाहते, तो बिल 50-50 बांट लेना सबसे साफ और फेयर तरीका है।
जिसने इनवाइट किया, वो पे करे: अक्सर यह मान लिया जाता है कि जिसने डेट का प्लान बनाया है या इनवाइट किया है, वो बिल पे करे। दूसरी तरफ वाला इंसान अगली बार कॉफी या डेजर्ट का खर्च उठाने की बात कह सकता है।
रिश्ते हिसाब-किताब से नहीं, आपसी समझ से चलते हैं
एक्सपर्ट्स का मानना है कि बिल का पाई-पाई का हिसाब रखने से ज्यादा बेहतर एक-दूसरे को ट्रीट देना है। एक सेहतमंद और मजबूत रिश्ता आपसी समझ और बराबरी की सोच से बनता है और इस अच्छी सोच की शुरुआत आपकी पहली डेट के उस छोटे से बिल से ही हो सकती है। इसलिए अगली बार जब पहली डेट पर जाएं, तो बिल का तनाव छोड़ें। ईमानदारी से पे करने का ऑफर दें, मुस्कुराएं और बातचीत का आनंद लें!
