कल का पंचांग ज्योतिषियों के लिए पूरे दिन की दिशा निर्धारित करने वाला है। कल प्रतिपदा तिथि, पुष्य नक्षत्र 21:47:53 तक एवं हर्शण 08:04:35 तक, वज्र योग है। ये संयोजन आध्यात्मिक साधना, पूजन, व्रत आदि के लिए श्रेष्ठ माने जाते हैं। बुधवार को शनि देव की पूजा का विशेष महत्व होता है।
कल कौन सा व्रत है
श्रावण माससूर्य-चंद्र की स्थिति:
सूर्य की स्थिति – 05:32:47 से 19:20:55 तक, चंद्रमा – कर्क राशि, चंद्रोदय – 06:15:00, चंद्रास्त – 20:22:00।
संवत्सर:
शक – 1947, विक्रम – 2083, काली – 5127। मास - आषाढ (पूर्णिमांत) व आषाढ (अमांत), ऋतु – वर्षा।
शुभ समय:
अभिजीत मुहूर्त – कोई नहीं
अशुभ मुहूर्त:
राहु काल व यमगण्ड काल में शुभ कार्य न करें।
राहु काल: 12:26:51 से 14:10:22 तक
यमगण्ड: 07:16:18 से 08:59:49 तक
कल का सम्पूर्ण पंचांग देखने के लिए यहाँ क्लिक करें और साथ ही मासिक पंचांग यहाँ से देखें |
चंद्रबल व ताराबल:
वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुम्भ को चंद्रबल प्राप्त है। अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती जैसे नक्षत्र ताराबल से युक्त हैं।
