सरकार ने पहली बार सेवा उत्पादन सूचकांक (Index of Service Production-ISP) जारी किया है। यह एक नया आर्थिक सूचकांक है, जिसके जरिए हर महीने यह पता लगाया जा सकेगा कि देश के संगठित सेवा क्षेत्र में कारोबार और गतिविधियों की रफ्तार धीमी है या तेज। फिलहाल इसे परीक्षण के तौर पर जारी किया गया है और इसका आधार वर्ष 2024-25 रखा गया है।
सेवा क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में आधे से ज्यादा हिस्सेदारी
न्यूज एजेंसी भाषा (पीटीआई) अप्रैल 2026 के आंकड़ों के अनुसार, संगठित सेवा क्षेत्र के 19 में से 14 उप-क्षेत्रों में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। इनमें थोक व्यापार, खुदरा व्यापार, होटल और रेस्तरां (आवास एवं भोजन), सड़क परिवहन, दूरसंचार और बैंकिंग जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। ये सभी मिलकर देश के सेवा क्षेत्र का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा कवर करते हैं।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने बयान में कहा, ’’सेवा उत्पादन सूचकांक भारत की सांख्यिकी प्रणाली को मजबूत करने और सेवा क्षेत्र के माप को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सेवा क्षेत्र की देश की आर्थिक गतिविधियों में हिस्सेदारी आधे से अधिक है।’’
क्या होता है सेवा उत्पादन सूचकांक?
जैसे औद्योगिक उत्पादन मापने के लिए इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) जारी किया जाता है, ठीक उसी तरह अब सेवा क्षेत्र की गतिविधियों को मापने के लिए सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP) जारी किया जाएगा। इस इंडेक्स से यह समझने में आसानी होगी कि बैंकिंग, रिटेल, होटल, परिवहन, रियल एस्टेट और अन्य सेवा क्षेत्रों में हर महीने कितना बदलाव आ रहा है। इससे सरकार, निवेशकों और उद्योग जगत को अर्थव्यवस्था की स्थिति का बेहतर अंदाजा मिल सकेगा।
किन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई?
अप्रैल 2026 के आंकड़ों के अनुसार कुछ सेवा क्षेत्रों में शानदार वृद्धि दर्ज की गई-
- आवास और भोजन (Hotels & Restaurants) में 37.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
- खुदरा व्यापार में 30.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
- प्रशासनिक और सहायता सेवाओं में 28.7 प्रतिशत का इजाफा हुआ।
- रियल एस्टेट क्षेत्र में 27.7 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली।
ये आंकड़े बताते हैं कि इन क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं।
किन क्षेत्रों में गिरावट दर्ज हुई?
हालांकि अधिकांश क्षेत्रों का प्रदर्शन सकारात्मक रहा, लेकिन दो क्षेत्रों में गिरावट दर्ज की गई।
- हवाई परिवहन में 13.9 प्रतिशत की कमी आई।
- रेलवे परिवहन में 0.4 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्ज की गई।
इन दोनों को छोड़कर बाकी सभी प्रमुख सेवा क्षेत्रों में सालाना आधार पर वृद्धि देखने को मिली।
आम लोगों के लिए इसका क्या मतलब है?
यह सूचकांक सीधे तौर पर आम लोगों को कोई लाभ या भुगतान नहीं देता, लेकिन यह देश की आर्थिक स्थिति को समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। सरकार की ओर से हर महीने 29 तारीख को सूचकांक जारी किया जाएगा।
