मुजफ्फरपुर के कटरा प्रखंड को मुख्यालय से जोड़ने वाले पीपापुल का दोनों ओर का अप्रोच पथ पानी में डूब गया है। इसके कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है और हजारों लोगों का संपर्क प्रभावित हुआ है। पीपापुल बंद होने से कटरा और आसपास के गांवों के लोगों को अब प्रखंड मुख्यालय पहुंचने के लिए करीब 40 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है। इसका सबसे अधिक असर मरीजों, विद्यार्थियों और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोगों पर पड़ रहा है।
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बागमती नदी का बढ़ता जलस्तर अब निचले इलाकों तक पहुंचने लगा है। कटरा प्रखंड के पतारी, अंदामा और भवानीपुर समेत कई गांवों में पानी फैलने लगा है। खेतों में लगी फसलें जलमग्न होने लगी हैं। ग्रामीण आवश्यक सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुट गए हैं। उनका कहना है कि यदि अगले 24 से 48 घंटे तक बारिश जारी रही और नदी का जलस्तर बढ़ा, तो कई गांवों का संपर्क पूरी तरह कट सकता है। संभावित बाढ़ को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है।
जिलाधिकारी कुमार गौरव ने बताया कि कटौझा चौक पर बागमती नदी का जलस्तर 56 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान (55 मीटर) से एक मीटर ऊपर है। हालांकि नेपाल के ढेंग गेज से मिली सूचना के अनुसार फिलहाल वहां जलस्तर स्थिर है। मुजफ्फरपुर में बीती रात हुई अच्छी बारिश के कारण नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई है। प्रशासन लगातार बागमती नदी की निगरानी कर रहा है और सभी संबंधित अधिकारियों एवं प्रखंड प्रशासन को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है। आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने की तैयारी रखने को कहा गया है। फिलहाल बागमती के बढ़ते जलस्तर ने उत्तर बिहार में बाढ़ की आशंका बढ़ा दी है। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।
