Kainchi Dham Sthapana Diwas 2026 : उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित प्रसिद्ध कैंची धाम में आज 15 जून 2026 को स्थापना दिवस का भव्य आयोजन किया जा रहा है। विश्व प्रसिद्ध संत नीम करौली बाबा की तपोस्थली में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं। पूरा कैंची धाम परिसर बाबा के जयकारों और भक्ति भाव से गूंज उठा है।
कैंची धाम का यह 62वां स्थापना दिवस है। हर साल 15 जून को यहां स्थापना दिवस मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस विशेष दिन मंदिर में पूजा-अर्चना, आरती, भंडारा और प्रसाद वितरण का आयोजन किया जाता है। भक्त बाबा नीम करौली महाराज का आशीर्वाद लेने के लिए दूर-दूर से पहुंचते हैं।
रात से लग गया भक्तों का तांता
स्थापना दिवस के अवसर पर सोमवार सुबह मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही दर्शन शुरू हो गए। सुबह करीब पांच बजे बाबा नीम करौली महाराज को मालपुए का भोग अर्पित किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण शुरू हुआ।
रात से ही भक्त मंदिर के बाहर कतारों में लग गए थे। सुबह होते ही बाबा के जयकारों और जय श्रीराम के उद्घोष के साथ श्रद्धालुओं ने दर्शन किए और महाप्रसाद ग्रहण किया। मंदिर समिति के सेवादार लगातार व्यवस्था संभालते हुए भक्तों को प्रसाद वितरित कर रहे हैं।
हजारों भक्तों ने सुबह ही किए दर्शन
स्थापना दिवस के दिन सुबह के समय ही हजारों श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर चुके हैं। भक्तों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। कई श्रद्धालु भजन-कीर्तन और हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। इस बार भी देश के अलग-अलग हिस्सों के अलावा विदेशों से भी बड़ी संख्या में भक्त कैंची धाम पहुंचे हैं। बाबा नीम करौली महाराज के प्रति लोगों की आस्था इतनी गहरी है कि हर साल स्थापना दिवस पर यहां भक्तों का विशाल जनसैलाब देखने को मिलता है।
सुरक्षा और व्यवस्था के लिए प्रशासन अलर्ट
कैंची धाम स्थापना दिवस मेले को देखते हुए नैनीताल प्रशासन और पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। मंदिर परिसर, पार्किंग स्थल और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए विशेष प्लान तैयार किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शटल सेवा और पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है।
क्यों खास है कैंची धाम
उत्तराखंड के नैनीताल से करीब 20 किलोमीटर दूर भवाली-अल्मोड़ा मार्ग पर स्थित कैंची धाम आज दुनिया भर में आध्यात्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। इस आश्रम की स्थापना महान संत नीम करौली बाबा ने 15 जून 1964 को की थी। नीम करौली बाबा को भक्त हनुमान जी का परम भक्त और सिद्ध संत मानते हैं। बाबा ने अपना जीवन सेवा, भक्ति और मानव कल्याण के लिए समर्पित किया। उनके चमत्कारों और आध्यात्मिक अनुभवों से जुड़ी कई कथाएं आज भी भक्तों के बीच प्रसिद्ध हैं। कैंची धाम नाम के पीछे भी एक खास कारण माना जाता है। यहां सड़क के दो तीखे मोड़ कैंची के आकार जैसे दिखाई देते हैं, जिसके कारण इस स्थान का नाम कैंची धाम पड़ा।
दुनिया भर में प्रसिद्ध है बाबा का आश्रम
कैंची धाम की प्रसिद्धि केवल भारत तक सीमित नहीं है। दुनिया की कई बड़ी हस्तियां भी बाबा नीम करौली महाराज से प्रभावित रही हैं। Apple के सह-संस्थापक Steve Jobs और Facebook के संस्थापक Mark Zuckerberg भी इस आश्रम से जुड़े अनुभव साझा कर चुके हैं। हर साल 15 जून को होने वाला स्थापना दिवस केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि श्रद्धा और सेवा का बड़ा पर्व बन चुका है। बाबा नीम करौली महाराज के भक्त इस दिन को उनके आशीर्वाद प्राप्त करने और सेवा भाव को आगे बढ़ाने का अवसर मानते हैं।
