अध्यात्म

Hanuman Jayanti 2023 Mantra: हनुमान जयंती पर बजरंगबली के इन शक्तिशाली मंत्रों का करें जाप, बनेंगे हर बिगड़े काम

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Apr 6, 2023, 06:16 PM IST

Hanuman Jayanti 2023 Puja Mantra & Aarti: 6 अप्रैल को हनुमान जयंती का पर्व मनाया जा रहा है। भक्त इस दिन भगवान हनुमान को प्रसन्न करने के लिए उनकी विधि विधान पूजा करते हैं। यहां हम आपको हनुमान जी के ऐसे चमत्कारी मंत्रों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका जाप करने से हर प्रकार के भय, संकट और शत्रुओं से मुक्ति मिल सकती है।

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हनुमान जी के मंत्र

Hanuman Jayanti 2023 Puja Mantra & Aarti: हनुमान जयंती पर भगवान हनुमान जी की पूजा होती है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान की विधि अनुसार पूजा करने से भक्तों के सारे काम बनने लगते हैं। साथ ही हर प्रकार के कष्ट से मुक्ति मिल जाती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। इस दिन बजरंगबली के मंत्रों के जाप का खास महत्व बताया गया है। दरअसल मंत्र जाप से कोई भी देवी-देवता शीघ्र ही प्रसन्न हो जाते हैं। ऐसे में हनुमान जयंती के खास मौके पर बजरंगबली का आशीर्वाद पाने के लिए उनके इन शक्तिशाली मंत्रों का जाप जरूर करें। साथ ही हनुमान जी की आरती करके पूजा संपन्न करें।

Hanuman Jayanti 2023 Puja Vidhi, Muhurat

Hanuman Ji Ke Mantra (हनुमान जी के चमत्कारी मंत्र)

जब भी आप हनुमान जी को याद करें तो नीचे लिखे हुए इस हनुमान मंत्र के द्वारा उन्हें याद करें-

अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहम्

दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम् |

सकलगुणनिधानं वानराणामधीशम्

रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि ||

Hanuman Ji Mantra Lyrics (हनुमान जी का प्रिय मंत्र)-

ॐ ऐं ह्रीं हनुमते श्री रामदूताय नमः

यश-कीर्ति के लिए हनुमान मंत्र-

ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय विश्वरूपाय अमितविक्रमाय प्रकट-पराक्रमाय महाबलाय सूर्यकोटिसमप्रभाय रामदूताय स्वाहा।

शत्रु पराजय के लिए हनुमान मंत्र-

ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय रामसेवकाय रामभक्तितत्पराय रामहृदयाय लक्ष्मणशक्ति भेदनिवावरणाय लक्ष्मणरक्षकाय दुष्टनिबर्हणाय रामदूताय स्वाहा।

सर्वदुःख निवारणार्थ – श्री हनुमान मंत्र-

ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय आध्यात्मिकाधिदैवीकाधिभौतिक तापत्रय निवारणाय रामदूताय स्वाहा।

सर्वरुपेण कल्याणार्थ हनुमान मंत्र-

ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय देवदानवर्षिमुनिवरदाय रामदूताय स्वाहा।

धन-धान्य आदि सम्पदा प्राप्ति के लिए हनुमान मंत्र-

ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय भक्तजनमनः कल्पनाकल्पद्रुमायं दुष्टमनोरथस्तंभनाय प्रभंजनप्राणप्रियाय महाबलपराक्रमाय महाविपत्तिनिवारणाय पुत्रपौत्रधनधान्यादिविधिसम्पत्प्रदाय रामदूताय स्वाहा।

मंत्र जाप कैसे करते हैं? हनुमान जी रुद्रावतार हैं। इसलिए उनके चमत्कारी मंत्रों का जाप करते समय रुद्राक्ष की माला का प्रयोग करना चाहिए। वहीं, मंत्र जाप में तन और मन को हमेशा शुद्ध रखना चाहिए। मंत्रों का जाप करते समय उच्चारण का भिनखास ख्याल रखना चाहिए। जप करते समय कोई बाधा न हो इसलिए इसे जाप शांत जगह पर करें।

Hanuman ji Ki Aarti Lyrics in Hindi (हनुमान जी की आरती)

आरती कीजै हनुमान लला की ।

दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥

जाके बल से गिरवर काँपे ।

रोग-दोष जाके निकट न झाँके ॥

अंजनि पुत्र महा बलदाई ।

संतन के प्रभु सदा सहाई ॥

आरती कीजै हनुमान लला की ॥

दे वीरा रघुनाथ पठाए ।

लंका जारि सिया सुधि लाये ॥

लंका सो कोट समुद्र सी खाई ।

जात पवनसुत बार न लाई ॥

आरती कीजै हनुमान लला की ॥

लंका जारि असुर संहारे ।

सियाराम जी के काज सँवारे ॥

लक्ष्मण मुर्छित पड़े सकारे ।

लाये संजिवन प्राण उबारे ॥

आरती कीजै हनुमान लला की ॥

पैठि पताल तोरि जमकारे ।

अहिरावण की भुजा उखारे ॥

बाईं भुजा असुर दल मारे ।

दाहिने भुजा संतजन तारे ॥

आरती कीजै हनुमान लला की ॥

सुर-नर-मुनि जन आरती उतरें ।

जय जय जय हनुमान उचारें ॥

कंचन थार कपूर लौ छाई ।

आरती करत अंजना माई ॥

आरती कीजै हनुमान लला की ॥

जो हनुमानजी की आरती गावे ।

बसहिं बैकुंठ परम पद पावे ॥

लंक विध्वंस किये रघुराई ।

तुलसीदास स्वामी कीर्ति गाई ॥

आरती कीजै हनुमान लला की ।

दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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