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Hanuman Jayanti 2023 Puja Muhurat: हनुमान जयंती पूजा का सबसे सटीक मुहूर्त और पूजा विधि यहां देखें

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Apr 6, 2023, 07:09 AM IST

Hanuman Jayanti 2023 Puja Muhurat (हनुमान जयंती पूजा विधि): भगवान हनुमान का जन्मोत्सव हर साल चैत्र पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। बजरंगबली भगवान शिव के 11वें अवतार माने जाते हैं। कहते हैं इनकी पूजा से व्यक्ति के सारे दुख दूर हो जाते हैं। जानिए हनुमान जयंती कब है और पूजा का क्या रहेगा मुहूर्त।

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Hanuman Jayanti 2023: हनुमान जयंती 2023 डेट और मुहूर्त

Hanuman Jayanti 2023 Puja Muhurat in India: मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के सबसे बड़े भक्त भगवान हनुमान का जन्मोत्सव भारत में बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। मान्यता अनुसार बजरंगबली का जन्म चैत्र पूर्णिमा के दिन हुआ था। हनुमान जी को भगवान शिव का 11वां अवतार माना जाता है। कहते हैं इनकी पूजा करने वाले व्यक्ति को किसी चीज का भय नहीं रहता। बजरंगबली अपने भक्तों के कष्ट पल में दूर करने के लिए जाने जाते हैं। इसके अलावा प्रेत बाधाओं से छुटकारा पाने के लिए भी इनकी पूजा का खास महत्व होता है। पंचांग अनुसार हनुमान जयंती इस साल 6 अप्रैल को मनाई जाएगी। जानिए हनुमान जयंती की पूजा का शुभ मुहूर्त।

धार्मिक मान्यताओं अनुसार हनुमान जी की पूजा करने से शनि दोष (Shani Dosh) से भी छुटकारा मिल जाता है। कहते हैं बजरंगबली के भक्तों को शनिदेव कभी परेशान नहीं करते। इसलिए शनि साढ़े साती (Shani Sade Sati) और शनि ढैय्या (Shani Dhaiya) से पीड़ित जातकों के लिए हनुमान जयंती और भी ज्यादा खास होने वाली है।

हनुमान जयंती 2023 मुहूर्त (Hanuman Jayanti 2023 Date And Muhurat)

हनुमान जयंती6 अप्रैल 2023
चैत्र पूर्णिमा तिथि 05 अप्रैल, बुधवार को सुबह 09:19 बजे से
चैत्र पूर्णिमा तिथि की समाप्ति06 अप्रैल, गुरुवार को सुबह 10:04 तक
हनुमान जयंती पूजा का शुभ मुहूर्त06 अप्रैल, गुरुवार सुबह 06:06 बजे से 07:40 तक
अभिजीत मुहूर्त06 अप्रैल दोपहर 12:02 से 12:53 तक

हनुमान जयंती पूजा विधि (Hanuman Jayanti Puja Vidhi)

संभव हो को इस दिन पूजा लाल या नारंगी रंग के वस्त्र पहनकर करें। पूजा से पहले पूजास्थल को साफ कर लें। इसके बाद हनुमान भगवान की विधि विधान पूजा करें। उन्हें सिंदूर अर्पित करें। लड्डू का भोग लगाएं। हनुमान जयंती की कथा सुनें। बजरंगबली की आरती उतारें। इस दिन हनुमान चालीसा, सुंदरकांड, बजरंग बाण, रामायण इत्यादि का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस दिन सरसों के तेल का दीपक जलाएं और दीपक में लाल रंग की बाती का प्रयोग करें। अंत में पूजा में अनजाने से भी हुई किसी भूल की क्षमा मांगें।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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