Ghode Ki Naal: घर व परिवार को बुरी नजर से बचाने और नकारात्मक शक्ति घर से दूर रखने के लिए अक्सर लोग तरह-तरह के उपाय करते हैं। लोग चाहते हैं कि, वे खुद को बुरी नजरों से बचाकर सफलता हासिल कर सकें। इसके लिए वास्तुशास्त्र में घोड़े की नाल का उपाय बताया गया है। अपने लोगों के घरों के मुख्य द्वार पर नाल लगा या फिर इस नाल से बनी अंगूठी पहने देखा होगा। वास्तु के अनुसार, घोड़े की नाल कई परेशानियों से बचा सकती है। अगर आप आर्थिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं या फिर किसी कार्य में सफलता नहीं मिल पा रही है तो बरकत पाने के लिए भी घोड़े की नाल का उपयोग कर सकते हैं। आइए जानते हैं घोड़े की नाल का उपयोग कब और किस तरह से करना चाहिए और इससे क्या फायदा मिलता है।
धन लाभ के लिए
वास्तु के अनुसार, अगर आप पैसों की समस्या से परेशान है या फिर धन खर्च बढ़ता जा रहे है तो काले घोड़े की नाल को काले कपड़े में लपेटकर तिजोरी में रख देना चाहिए। इससे घर में धन-संपन्नता बनी रहेगी और आय में कभी कमी नहीं आएगी।
वास्तु और शनि दोष के लिए
शनिवार के दिन घर पर घोड़े की नाल लाने और इसे घर की मुख्य दहलीज पर टांगने से गृहक्लेश खत्म हो जाते हैं। इस उपाय से वास्तु दोष और शनि दोष भी कम होता है। साथ ही इससे घर से नकारात्मक शक्ति हमेशा दूर रहती हैं, वह घर में प्रवेश नहीं करती।
नौकरी-बिजनेस में तरक्की
अगर मेहनत करने के बाद भी नौकरी और कारोबार में सफलता नहीं मिल पा रही है तो वास्तु के अनुसार शनिवार के दिन घोड़े की नाल से बने छल्ले को मध्यमा अंगुली में धारण करना चाहिए। इससे रास्ते में आने वाली रूकावटें दूर होंगी और हर कार्य में सफलता मिलेगी।
स्वास्थ लाभ के लिए
बीमारी में भी घोड़े की नाल का उपाय किया जाता है। अगर घर में कोई हमेशा बीमार रहता है तो डॉक्टरी इलाज के साथ घोड़े की नाल का भी उपाय कर सकते हैं। घोड़े की नाल की चार कील बनवाकर इसके साथ सवा किलो उड़द दाल और एक सूखा नारियल लेकर बीमार व्यक्ति के ऊपर से उतारें और इसे बहते जल में प्रवाहित कर दें।
घर में बरकत के लिए
जो लोग अपने घर में बरकत लाना चाहते हैं, उनके लिए भी काले घोड़े की नाल बेहद लाभदायक साबित हो सकती है। घोड़े की नाल को काले कपड़े में लपेटकर अनाज के स्टोर में रख दें। इससे घर में कभी अनाज की कमी नहीं होगी। घर में हमेशा बरकत बनी रहेगी।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
