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Ekadashi January 2023 Date And Time: नए साल का पहला एकादशी व्रत किस दिन? जानें तिथि और मुहूर्त

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Dec 29, 2022, 12:14 PM IST

Ekadashi In January 2023 Date: जनवरी 2023 की पहली एकादशी होगी पौष पुत्रदा एकादशी। इस व्रत को संतान सुख की प्राप्ति के लिए किया जाता है।

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First Ekadashi Vrat In 2023: 2023 की पहली एकादशी किस दिन है?

Paush Putrada Ekadashi In January 2023 Date, Time: नए साल 2023 में पहला एकादशी व्रत 2 जनवरी को रखा जाएगा। पौष माह के शुक्ल पक्ष में आने वाली इस एकादशी को पौष पुत्रदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा होती है। मान्यता है इस व्रत को करने से संतान की प्राप्ति होती है। इतना ही नहीं इस व्रत के प्रभाव से संतान को लंबी आयु भी प्रदान होती है। जानिए पौष पुत्रदा एकादशी व्रत की तिथि और महत्व।

पौष पुत्रदा एकादशी व्रत मुहूर्त 2023 (Paush Putrada Ekadashi 2023 Date And Time)

पौष पुत्रदा एकादशी व्रत 2 जनवरी को रखा जाएगा। वहीं 3 जनवरी को इस व्रत का पारण किया जाएगा। 3 जनवरी को व्रत खोलने का समय सुबह 07:14 से 09:18 तक है।

पौष पुत्रदा एकादशी पूजा विधि (Paush Putrada Ekadashi Puja Vidhi)

पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत रखने वाले लोगों को व्रत से एक दिन पहले यानी दशमी के दिन एक समय सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए। व्रती को संयमित और ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। फिर व्रत वाले दिन सुबह स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लें और भगवान का ध्यान करें। फिर गंगा जल, तुलसी दल, तिल, फूल पंचामृत से भगवान नारायण की पूजा करनी चाहिए। इस व्रत को निर्जला रखा जाता है। यदि व्रती चाहें तो शाम में दीपदान के बाद फलाहार कर सकते हैं। फिर व्रत के अगले दिन यानी द्वादशी को किसी जरूरतमंद व्यक्ति या ब्राह्मण को भोजन कराकर, दान-दक्षिणा देकर व्रत का पारण किया जाता है।

पौष पुत्रदा एकादशी पर संतान की कामना के लिए क्या करें ?

पति-पत्नी दोनों संयुक्त रूप से भगवान श्री कृष्ण की उपासना करें। संतान गोपाल मंत्र का जाप करें। मंत्र जाप के बाद प्रसाद ग्रहण करें और गरीबों को दक्षिणा दें और उन्हें भोजन कराएं। भगवान से संतान प्राप्ति की कामना करें।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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