क्यों मनाया जाता है बकरीद
बकरीद का पर्व पैगंबर इब्राहिम की कुर्बानी को याद करके मनाया जाता है। इस्लाम धर्म की मान्यता के अनुसार एक बार पैंगबर के सपने में अल्लाह सपने में आते हैं और उनसे उनकी सबसे कीमती चीज की कुर्बानी मांग ली। इन सबके बाद पैंगबर इब्राहिम सोच में पड़ गए और सोचने लगे की अल्लाह को वो किसी चीज की कुर्बानी दें। उसके बाद उन्होंने अपने इकलौते बेटे की कुर्बानी देने के बारे में सोचा। जब वो अपने बेटे को रास्ते में कुर्बानी देने के लिए सोच रहे थे। उनको एक व्यक्ति मिलता है और उनसे कहता है कि आप अपने बेटे की जगह किसी जानवर की कुर्बानी दे दो पर इब्राहिम को लगा की ये अल्लाह के साथ धोखा होगा। उन्होंने आंखों पर पट्टी बांधकर अपने बेटे की कुर्बानी देने लगे, लेकिन जब वो आंखों से पट्टी हटाते हैं। तब देखते हैं कि उनके बेटे की जगह बकरे की कुर्बानी दे दी गई है। अल्लाह ने उनके बेटे को सलामत रखा और उसके बाद से इस्लाम धर्म में बकरे की कुर्बानी दी जाने लगी।