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चौदस कब है भादो कृष्ण पक्ष की - आज या कल, जानें 9 या 10 सितंबर में किस दिन रहेगी चतुर्दशी तिथि

Chaturdashi Kab Hai bhado Krishan Paksh ki (Chaudas Date September 2026): चौदस 9 या 10 सितंबर 2026 को है? जानें चतुर्दशी तिथि का प्रारंभ और समापन समय, मासिक शिवरात्रि व्रत की सही तारीख और पूजा का समय।

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आज या कल में से चौदस कब है, नोट करें भादो कृष्ण चतुर्दशी की सही डेट

Chaturdashi Kab Hai 9 or 10 September 2026: आज चौदस है या कल? तिथियों के मेल से ये सवाल सभी को दुविधा को डाल रहा है। दरअसल, 9 सितंबर की सुबह त्रयोदशी तिथि है, जबकि 10 सितंबर को सूर्योदय के समय चतुर्दशी रहेगी।

दरअसल, भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चौदस तिथि 9 सितंबर की दोपहर से शुरू होकर 10 सितंबर की सुबह तक रहेगी। ऐसे में मासिक शिवरात्रि का व्रत और रात्रि पूजन बुधवार, 9 सितंबर 2026 को किया जाएगा। वहीं उदया तिथि के अनुसार 10 सितंबर की सुबह भी चतुर्दशी रहेगी। उसके बाद अमावस्या तिथि आरंभ हो जाएगी।

चौदस कब से कब तक है सितंबर 2026 में

पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 9 सितंबर 2026 को दोपहर 12 बजकर 30 मिनट के आसपास शुरू होगी। चतुर्दशी तिथि का समापन 10 सितंबर को सुबह 10 बजकर 33 मिनट पर होगा। इसके तुरंत बाद अमावस्या तिथि लग जाएगी।

चतुर्दशी से जुड़ी जानकारीतारीख और समय
चतुर्दशी तिथि प्रारंभ9 सितंबर, दोपहर करीब 12:30 बजे
चतुर्दशी तिथि समाप्त10 सितंबर, सुबह 10:33 बजे
मासिक शिवरात्रि व्रत9 सितंबर 2026
रात्रि में शिव पूजा9 सितंबर की रात
व्रत पारण10 सितंबर की सुबह

9 सितंबर 2026 को चौदस क्यों मानी जाएगी

पंचांग की किसी तिथि का आरंभ सूर्योदय के साथ होना जरूरी नहीं है। तिथि दिन या रात में किसी भी समय बदल सकती है। 9 सितंबर की सुबह त्रयोदशी रहेगी, लेकिन दोपहर बाद चतुर्दशी लग जाएगी। पूरी रात चतुर्दशी तिथि मौजूद रहेगी।

मासिक शिवरात्रि की पूजा रात में, विशेष रूप से निशिता काल में की जाती है। इसलिए जिस रात चतुर्दशी तिथि मिलती है, उसी दिन मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। इस नियम के अनुसार 9 सितंबर को उपवास रखा जाएगा और इसी रात भगवान शिव की पूजा होगी।

10 सितंबर 2026 को कौन-सी तिथि रहेगी

10 सितंबर को सूर्योदय के समय चतुर्दशी तिथि रहेगी। इस कारण दैनिक पंचांग में 10 सितंबर के सामने चौदस लिखी मिल सकती है। यहां उदया तिथि का नियम काम करता है। हालांकि, मासिक शिवरात्रि के लिए रात में चतुर्दशी का होना प्रमुख माना जाता है। इसलिए शिवरात्रि का व्रत 10 सितंबर को नहीं, बल्कि 9 सितंबर को रखा जाएगा।

10 सितंबर को सुबह 10 बजकर 33 मिनट के बाद अमावस्या शुरू हो जाएगी। इस दिन भाद्रपद अमावस्या से जुड़े स्नान, दान और पितरों के निमित्त किए जाने वाले धार्मिक कार्य भी किए जाएंगे।

भादो मासिक शिवरात्रि की पूजा किस समय करें

मासिक शिवरात्रि की सामान्य पूजा 9 सितंबर को सूर्यास्त के बाद की जा सकती है। जो भक्त निशिता काल में पूजन करना चाहते हैं, वे आधी रात के आसपास शिवलिंग की पूजा कर सकते हैं। दिल्ली के लिए निशिता पूजा का समय करीब रात 11 बजकर 55 मिनट से 12 बजकर 41 मिनट तक बताया गया है। स्थान बदलने पर इस समय में थोड़ा अंतर संभव है। दृक पंचांग

पूजा में जल, दूध, बेलपत्र, सफेद फूल, चंदन और फल अर्पित किए जा सकते हैं। घी का दीपक जलाकर ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें। पूजा को बहुत कठिन बनाने की जरूरत नहीं है। शांत मन और सच्ची प्रार्थना ही शिव उपासना का मूल भाव है।

चौदस पर क्या करना चाहिए

चतुर्दशी की शाम घर और पूजा स्थान की सफाई करें। शिवलिंग पर साफ जल अर्पित करें। संभव हो तो बेलपत्र चढ़ाएं और शिव चालीसा पढ़ें। व्रत रखने वाले लोग दिन में फलाहार कर सकते हैं। रात्रि पूजा के बाद अगले दिन अपनी परंपरा के अनुसार पारण करें।

इस तरह तारीख को लेकर भ्रम दूर कर लें कि 9 सितंबर की सुबह त्रयोदशी है, दोपहर बाद चौदस लग जाएगी। मासिक शिवरात्रि 9 सितंबर को है। 10 सितंबर की सुबह उदया तिथि में चौदस रहेगी और इसके बाद अमावस्या शुरू होगी।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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