अध्यात्म

श्री कृष्ण की छठी आज, जानें 9 सितंबर को कान्हा जी की छठी की पूजा कब करें, कृष्ण छठी पूजा मुहूर्त

श्री कृष्ण जी की छठी पर बाल गोपाल की पूजा और उत्सव का विशेष महत्व माना जाता है। जानें आज श्री कृष्ण जी की छठी की पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है, श्री कृष्ण छठी की पूजा कब करें।

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श्री कृष्ण छठी पूजा मुहूर्त

Sri Krishna Chhati Puja Muhurat: श्री कृष्ण जी के जन्म के बाद उनकी छठी का उत्सव भी भक्तिभाव से मनाया जाता है। 4 तारीख को श्री कृष्ण जन्माष्टमी के बाद आज छठे दिन पर कान्हा जी की छठी मनाई जा रही है। घरों में इस दिन बाल गोपाल को स्नान कराया जाता है, नए वस्त्र पहनाए जाते हैं और उन्हें तरह-तरह के पकवानों का भोग लगाया जाता है। कई परिवारों में छठी के मौके पर कान्हा के लिए विशेष पूजा और छोटे से उत्सव का आयोजन किया जाता है।

    ऐसे में सबसे पहले मन में यही सवाल आता है कि आखिर लड्डू गोपाल की छठी की पूजा किस समय करनी चाहिए? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, छठी की पूजा शाम 4 बजे के बाद की जा सकती है। खास तौर पर प्रदोष काल या गोधूलि बेला में बाल गोपाल की पूजा करना शुभ माना जाता है। हालांकि, हर परिवार की अपनी परंपरा होती है और सुविधा के अनुसार सुबह भी छठी का उत्सव मनाया जा सकता है। यानी इस दिन पूजा में समय के साथ-साथ श्रद्धा और प्रेम का भाव भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

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    श्री कृष्ण जी की छठी का पूजा मुहूर्त

    लड्डू गोपाल की छठी के लिए शाम का समय विशेष रूप से अच्छा माना जाता है। आज गोधूलि मुहूर्त: शाम करीब 06:30 बजे से 06:53 बजे तक गोधूलि मुहूर्त है, इस शुभ मुहूर्त में भगवान श्री कृष्ण की छठी की पूजा की जा सकती है।

    छठी पर क्या करें?

    छठी के दिन सुबह उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनकर पूजा की तैयारी करें। इस दिन पीले रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। सबसे पहले लड्डू गोपाल को पंचामृत से स्नान कराएं। इसके बाद शंख में गंगाजल लेकर भगवान का अभिषेक करें। स्नान के बाद कान्हा को नए पीले वस्त्र पहनाएं, उनका श्रृंगार करें और काजल लगाएं।

    छठी के अवसर पर लड्डू गोपाल का नामकरण करने की भी परंपरा बताई जाती है। अगर जन्माष्टमी पर आपने घर में बाल गोपाल की नई प्रतिमा स्थापित की है, तो छठी के दिन उनके लिए प्यारा-सा नाम चुन सकते हैं। आप उन्हें कृष्ण, माधव, गोविंद, देवकीनंदन या अपनी पसंद के किसी नाम से पुकार सकते हैं। नामकरण के बाद धूप, दीप और फूल अर्पित करके विधि-विधान से पूजा करें। अंत में कान्हा को भोग लगाएं और भजन गाते हुए उनकी आरती करें।

    Avni Bagrola
    अवनी बागरोलाauthor

    अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और मॉडर्न लाइफस्टाइल से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें जेन Z और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 3000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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