डायबिटीज की बीमारी देता है इन ग्रहों का अशुभ प्रभाव, दवा के साथ कर लें ये आसान उपाय
- Authored by: Mohit Tiwari
- Updated Dec 26, 2025, 10:37 AM IST
Diabetes Astrology: आज के समय में लाखों लोग डायबिटीज का शिकार हैं। हालांकि इस बीमारी का मुख्य कारण बॉडी में ग्लूकोज का बढ़ना और पैंक्रियाज से निकलने वाले इंसुलिन का कम होना होता है। वहीं, ज्योतिष की मानें तो कुछ ग्रहों के अशुभ प्रभाव के चलते शरीर में ऐसी स्थिति बनती है कि ग्लूकोज का प्रभाव अधिक होने लगता है और व्यक्ति डायबिटीज जैसी गंभीर समस्या के ग्रसित हो जाता है। ऐसे में अगर दवाई के साथ ही कुछ ज्योतिषीय उपायों को भी किया जाए तो ज्यादा लाभ मिलता है।
डायबिटीज का ज्योतिषीय कारण क्या है
Diabetes Astrology: डायबिटीज (मधुमेह) एक ऐसी बीमारी है जो आजकल लाखों लोगों को प्रभावित कर रही है। यह न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि मानसिक और भावनात्मक स्तर पर भी चुनौतियां पैदा करती है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, डायबिटीज मुख्य रूप से खराब जीवनशैली, अनुवांशिक कारकों, मोटापे और तनाव से जुड़ी होती है। वहीं, ज्योतिष शास्त्र में इसे ग्रहों के अशुभ प्रभाव से भी जोड़ा जाता है। आइए जानते हैं कि डायबिटीज के लिए कौन से ग्रह जिम्मेदार हैं। इसके साथ ही दवाइयों के साथ-साथ कौन से प्रभावी उपाय अपनाएं।
क्यों होती है डायबिटीज?
डायबिटीज होने की सबसे बड़ी वजह शरीर में ब्लड शुगर का कंट्रोल बिगड़ जाना है। जब हम खाते हैं तो खाना ग्लूकोज में बदलकर खून में जाता है और उसे कंट्रोल करने का काम इंसुलिन हार्मोन करता है, जो पैंक्रियाज से निकलता है, लेकिन जब शरीर में इंसुलिन बनना कम हो जाए या जो इंसुलिन बन रहा है वह सही तरीके से काम न करे, तो खून में शुगर की मात्रा बढ़ने लगती है और यही स्थिति धीरे-धीरे डायबिटीज में बदल जाती है।
आजकल की लाइफस्टाइल भी इसकी बड़ी वजह बन गई है, जैसे घंटों बैठकर काम करना, फिजिकल एक्टिविटी की कमी, ज्यादा मीठा और जंक फूड खाना, मोटापा, देर रात तक जागना और स्ट्रेस लेना। इसके अलावा फैमिली हिस्ट्री यानी अगर घर में माता-पिता या किसी करीबी रिश्तेदार को डायबिटीज है तो अगली जनरेशन में इसका खतरा बढ़ जाता है।
बढ़ती उम्र के साथ शरीर की इंसुलिन सेंसिटिविटी कम होने लगती है, जिससे शुगर कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है। हार्मोनल बदलाव, हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल की समस्या और लंबे समय तक कुछ दवाओं का सेवन भी डायबिटीज को ट्रिगर कर सकता है। कई बार लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे शुगर धीरे-धीरे बढ़ती रहती है और बीमारी पकड़ में आने तक काफी नुकसान कर चुकी होती है। कुल मिलाकर गलत खान-पान, खराब दिनचर्या, स्ट्रेस और जेनेटिक कारण मिलकर डायबिटीज को जन्म देते हैं।
ज्योतिष में क्या है डायबिटीज होने के कारण?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में ग्रहों की स्थिति हमारे स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालती है। डायबिटीज जैसी बीमारी मुख्य रूप से पाचन तंत्र, मेटाबॉलिज्म और शरीर के संतुलन से जुड़ी होती है। इस बीमारी का होना कुछ खास ग्रहों का अशुभ माना जाता है।
बृहस्पति (गुरु): यह ग्रह पाचन प्रणाली, शरीर के वजन, मेटाबॉलिज्म और ज्ञान का कारक माना जाता है। यदि कुंडली में गुरु कमजोर, पीड़ित या अशुभ स्थान पर हो, तो इंसुलिन उत्पादन प्रभावित हो सकता है, जिससे ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है। गुरु की कमजोरी से मोटापा और पाचन संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं, जो डायबिटीज का प्रमुख कारण बनती हैं।
शुक्र: शुक्र ग्रह सुख, विलासिता और शारीरिक सुखों का प्रतिनिधित्व करता है। जब यह कमजोर या अशुभ प्रभाव में होता है, तो यह मधुमेह जैसी बीमारियों को बढ़ावा दे सकता है। शुक्र की कमजोरी से मीठे पदार्थों की अधिक लालसा और हार्मोनल असंतुलन हो सकता है, जो डायबिटीज को ट्रिगर करता है।
अन्य ग्रहों का प्रभाव: हालांकि मुख्य रूप से गुरु और शुक्र ही डायबिटीज के लिए जिम्मेदार माने जाते हैं, लेकिन शनि (दीर्घकालिक बीमारियां), राहु-केतु (अचानक परिवर्तन और विषाक्तता) और चंद्रमा (मानसिक तनाव) भी अप्रत्यक्ष रूप से योगदान दे सकते हैं। शनि की दृष्टि से पुरानी बीमारियां लंबे समय तक बनी रहती हैं, जबकि राहु से विषाक्त पदार्थों का सेवन बढ़ सकता है।
दवाइयों के साथ कर सकते हैं ये उपाय
डायबिटीज का मुख्य इलाज चिकित्सकीय दवाइयां हैं, जिसके लिए आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए। हालांकि अगर आप चिकित्सकीय इलााज के साथ है, ज्योतिष और आयुर्वेद के कुछ उपायों को अपनाते हैं तो इससे आपको डायबिटीज में काफी हद तक राहत मिलती है। ज्योतिष और आयुर्वेद के अनुसार, दवाइयों के साथ कुछ जीवनशैली और आध्यात्मिक उपाय अपनाकर बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है। ये उपाय ग्रह दोष को शांत करने और शरीर को संतुलित करने में मदद करते हैं।
बृहस्पति (गुरु) को मजबूत करें: गुरु ग्रह को मजबूत करने के लिए पीला पुखराज रत्न धारण करें। गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा करें, केले के पेड़ में जल चढ़ाएं और गुरु के मंत्र ‘ओम ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरवे नम:’ का 108 बार जाप करें।
शुक्र ग्रह के लिए करें ये उपाय: शुक्रवार को सफेद कपड़े पहनें, देवी लक्ष्मी की पूजा करें और हीरा या सफेद पुखराज धारण करने पर विचार करें। मीठे पदार्थों का दान करें। (’ओम त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥’) का जाप करें। ये उपाय स्वास्थ्य और ग्रह शांति दोनों के लिए लाभकारी हैं।
अपनाएं ये उपाय
आयुर्वेद में डायबिटीज को 'प्रमेह' कहा जाता है, और इसमें कई प्राकृतिक उपाय बताए गए हैं। ये दवाइयों के साथ इस्तेमाल करने पर प्रभावी होते हैं। इसके लिए मेथी दाने को रात भर भिगोकर सुबह खाली पेट चबाएं या पानी में उबालकर पिएं। यह इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाता है। वहीं, करेले का जूस या सब्जी, आंवले का पाउडर और जामुन के बीज का चूर्ण ब्लड शुगर को कम करते हैं। रोजाना 1 गिलास करेले का जूस पिएं।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।