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Dhan Lakshmi Potli Kaise Banaye: दिवाली के दिन धन लक्ष्मी पोटली कैसे बनाएं और इससे क्या लाभ मिलता है?

Dhan Lakshmi Potli Kaise Banaye: अगर आप चाहते हैं कि मां लक्ष्मी की कृपा आप पर सदैव बनी रहे तो दिवाली की पूजा में धन लक्ष्मी पोटली जरूर शामिल करें। चलिए आपको बताते हैं धन पोटली को बनाने की विधि क्या है।

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Dhan Lakshmi Potli Kaise Banaye

Dhan Lakshmi Potli Kaise Banaye: दिवाली का दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए सबसे विशेष माना जाता है। इसलिए इस दिन हर कोई अपने-अपने तरीके से मां की कृपा पाने के खास उपाय करता है। लेकिन यहां हम आपको माता को खुश करने का एक आसान उपाय बताने जा रहे हैं वो है धन लक्ष्मी पोटली। इस पोटली को दिवाली की पूजा के समय तैयार किया जाता है। फिर अगले दिन इसे घर की तिजोरी में रख दिया जाता है। कहते हैं ऐसा करने से घर में कभी किसी चीज की कमी नहीं होती।

धन लक्ष्मी पोटली बनाने की सामग्री (Dhan Laxmi Potli Banane Ki Samagri)

  • गोमती चक्र
  • पीली कौड़ी
  • इलायची
  • लौंग
  • सुपारी
  • हल्दी साबुत
  • चांदी का सिक्का
  • 500 का नोट
  • धनिया
  • कमल गट्टा
  • लाल कपड़ा
  • कलावा

धन लक्ष्मी पोटली कैसे बनाएं (Dhan Laxmi Potli Kaise Banaye)

पोटली बनाने का तरीका बहुत सरल है। सबसे पहले एक लाल कपड़ा लें या मार्केट से बनी बनाई पोटली ले आएं। इसके अंदर आपको इसमें पांच कमल गट्टा, पांच गोमती चक्र, पांच पीली कौड़ी, पांच हरी इलायची, पांच लौंग, पांच सुपारी, एक हल्दी की गांठ, एक चांदी का सिक्का, 100 या 500 का नोट और साबुत धनिया रखना है। फिर लाल कपड़े को कलावे की सहायता से अच्छे से बांध लें। फिर इस पोटली को दिवाली पूजन में रखें। इसे धूप-दीप दिखाएं। इसके बाद अगले दिन इसे घर की तिजोरी या जहां भी आप पैसा रखते हैं वहां रख दें। साल भर इस पोटली को ऐसे ही रहने दें। इससे मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बरसने लगेगी।

दिवाली के बारे में जरूरी जानकारी

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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