Chaitra Purnima 2023 ke Upay: चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को ही चैत्र पूर्णिमा (Chaitra Purnima) के नाम से मनाया जाता है। इस दिन भगवान सत्यनारायण और हनुमान जी को खास तौर से पूजा जाता है। तथा इनकी विधिवत पूजन अर्चन से ही प्राणी मात्र के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि, धन और भय मक्ती का वास होता है। वहीं अगर आप इस दिन सही ढंग से पूजा न करें, तो ऐसे में आपका जीवन नकारात्मकता, दुख, तकलीफ और कष्टों से भर सकता है।
तो अगर आपके जीवन में भी रोग, करियर, पढ़ाई, आर्थिक स्थिति, वैवाहिक जीवन आदि से जुड़ा कोई गंभीर कष्ट है, तो चैत्र पूर्णिमा के दिन आपकी समस्याओं का झट से बेहतरीन निवारण हो सकता है। हालांकि स्थिति में सुधार एवं सकारात्मकता लाने हेतु आपको यहां बताए गए चैत्र पूर्णिमा 2023 के कुछ सिद्ध उपाय सच्चे मन से पूर्ण करने होंगे। तभी जाकर आपके जीवन की समस्याओं का हल निकाला जा सकता है। यहां देखें और पालन करें चैत्र पूर्णिमा के खास उपायों का, जिनके माध्यम से आपके जीवन में खुशियां भर जाएंगी।
चैत्र पूर्णिमा 2023 के सिद्ध उपाय
- धन धान्य की स्थिति खराब है और उसे बेहतर बनाना है तो ऐसे में आप धन की देवी यानी की माता लक्ष्मी को लाल रंग के कपड़े और सुहाग की सामग्री चढ़ा सकते हैं। जिससे माता लक्ष्मी प्रसन्न होकर आपकी मुराद पूरी कर देंगी।
- माता लक्ष्मी को खुश करने के लिए पीपल की जड़ पर जल और कच्चा दूध अर्पण करना चाहिए।
- आप माता लक्ष्मी को चैत्र पूर्णिमा के अवसर पर 5 प्रकार की मिठाई और बताशे भी चढ़ा कर आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।
- घर और परिवार में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने के लिए आप चैत्र पूर्णिमा पर केले की जड़ और हल्दी की गांठ को पीले वस्त्र में बांधकर, दाहिने हाथ पर बांध लें। ऐसा करने से गुरु के शुभ फल की प्राप्ति होती है।
- चैत्र पूर्णिमा पर घर के सभी कोने में अच्छे से साफ सफाई कर गंगाजल और हल्दी मिलाकर झिड़क दें। ऐसा करने से लक्ष्मी जी आएंगी और नकारात्मकता का अंत होगा।
- माता लक्ष्मी को हल्दी की गांठ, अक्षत, लाल कपड़े में बंधा एक सिक्का अर्पित कर दें। इन चीज़ो को घर की पैसे रखने वाली जगह पर रख दें, इससे भाग्य खुलता है।
- आज के दिन घर के मुख्य द्वार पर हल्दी और सिंदूर से स्वास्तिक का निशान बनाएं।
- हर मनोकामना पूरी करने के लिए चैत्र पूर्णिमा पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का पूजन करें। दूध में हल्दी मिलाकर भगवान का अभिषेक करें और फिर काली हल्दी भगवान को अर्पण कर सच्चे मन से मुराद मांगे।
