अध्यात्म

चैत्र नवरात्रि 2026 कैलेंडर, नवरात्रि कब से कब तक हैं, किस डेट को कौन सी देवी की होगी पूजा

Chaitra Navratri Calendar 2026: हिंदू धर्म में नवरात्रि की 9 रातों को बेहद खास माना जाता है। इस दौरान माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। साल 2026 में नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से हो रही है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस बार नवमी कब से कब तक रहेगी और किस दिन कौन सी देवी की पूजा की जाएगी। आइए देखते हैं पूरा कैलेंडर क्या कह रहा है।

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नवरात्रि कब से कब तक है?

Kab Se Kab Tak Hai Navratri 2026: हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है। यह पर्व मां दुर्गा की आराधना और शक्ति की उपासना का प्रतीक होता है। हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवरात्रि की शुरुआत होती है और नवमी तक यह पर्व चलता है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है, जिन्हें नवदुर्गा कहा जाता है। हर साल में 4 नवरात्रि होती हैं। इनमें दो सामान्य और दो गुप्त नवरात्रि होती है। सामान्य नवरात्रि का पूजन हर कोई कर सकता है। वहीं, गुप्त नवरात्रि साधकों और तांत्रिकों के लिए मानी गई हैं। सामान्य नवरात्रि चैत्र और आश्विन माह में आती हैं।

साल 2026 में चैत्र नवरात्रि खास मानी जा रही है, क्योंकि यह समय खरमास और पंचक के दौरान पड़ रहा है। हालांकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि की पूजा पर इसका कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता और श्रद्धालु पूरे विधि-विधान से मां दुर्गा की आराधना कर सकते हैं। आइए जानते हैं साल 2026 में चैत्र नवरात्रि कब से कब तक रहेगी और किस दिन किस देवी की पूजा की जाएगी। यहां कैलेंडर से जानते हैं कि कब कौन सी तिथि है।

चैत्र नवरात्रि कब से कब तक (Chaitra Navratri kab se kab tak)

साल 2026 में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च 2026, गुरुवार से हो रही है। इस दिन घटस्थापना के साथ मां दुर्गा की पूजा शुरू होगी। वहीं नवरात्रि का समापन 27 मार्च 2026, शुक्रवार को राम नवमी के दिन होगा। नवरात्रि के नौ दिन मां शक्ति की साधना के लिए बेहद शुभ माने जाते हैं। इस दौरान व्रत, पूजा और मंत्र जाप करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

चैत्र नवरात्रि पर कब है घटस्थापना का शुभ समय (Ghatasthapana ka shubh samay)

नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना का विशेष महत्व होता है। इस दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना की जाती है, जिससे पूरे नौ दिन घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। 19 मार्च को सुबह के समय घटस्थापना करना शुभ रहेगा। अभिजित मुहूर्त इस दिन नहीं है, इसलिए प्रातः काल में शुभ चौघड़िया में स्थापना करना बेहतर माना जाता है।

किस दिन किस देवी की होगी पूजा (Kaun se din kaun si devi ki puja hogi)

चैत्र नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। हर दिन का अपना विशेष महत्व होता है।

पहला दिन – मां शैलपुत्री (19 मार्च) (Day 1 Maa Shailputri puja)

नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इन्हें पर्वतराज हिमालय की पुत्री माना जाता है। मां वृषभ पर सवार रहती हैं और उनके हाथ में त्रिशूल और कमल होता है। इस दिन पीले रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है और मां को घी का भोग प्रिय है।

दूसरा दिन – मां ब्रह्मचारिणी (20 मार्च) (Day 2 Maa Brahmacharini puja)

दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है। मां के हाथ में जपमाला और कमंडल होता है, जो तप और साधना का प्रतीक है। इस दिन सफेद रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है और मां को मिश्री या चीनी का भोग अर्पित करना चाहिए।

तीसरा दिन – मां चंद्रघंटा (21 मार्च) (Day 3 Maa Chandraghanta puja)

तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। इनके माथे पर अर्धचंद्र होता है और यह वीरता और साहस का प्रतीक मानी जाती हैं। इस दिन लाल रंग के कपड़े पहनना शुभ होता है और मां को दूध या दूध से बनी मिठाई का भोग लगाया जाता है।

चौथा दिन – मां कूष्मांडा (22 मार्च) (Day 4 Maa Kushmanda puja)

चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा होती है। इन्हें ब्रह्मांड की रचयिता माना जाता है और इनका स्वरूप अष्टभुजा वाला होता है। इस दिन नारंगी रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है और मां को मालपुआ या मीठा भोग अर्पित करना शुभ है।

पांचवां दिन – मां स्कंदमाता (23 मार्च) (Day 5 Maa Skandamata puja)

पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। मां अपने पुत्र कार्तिकेय को गोद में लेकर कमल पर विराजमान रहती हैं। इस दिन पीले या हल्के रंग के कपड़े पहनना शुभ होता है और मां को केले का भोग प्रिय है।

छठा दिन – मां कात्यायनी (24 मार्च) (Day 6 Maa Katyayani puja)

छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा होती है। मां सिंह पर सवार रहती हैं और शक्ति का स्वरूप मानी जाती हैं। इस दिन हरे रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है और मां को शहद का भोग अर्पित करना चाहिए।

सातवां दिन – मां कालरात्रि (25 मार्च) (Day 7 Maa Kalaratri puja)

सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। मां का स्वरूप भयंकर है, लेकिन वे अपने भक्तों को भय से मुक्त करती हैं। इस दिन नीले या काले रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है और मां को गुड़ का भोग प्रिय है।

आठवां दिन – मां महागौरी (26 मार्च) (Day 8 Maa Mahagauri puja)

आठवें दिन मां महागौरी की पूजा होती है। मां का स्वरूप अत्यंत शांत और उज्ज्वल माना जाता है। इस दिन गुलाबी या सफेद रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है और मां को नारियल या मिठाई का भोग अर्पित करना शुभ है।

नौवां दिन – मां सिद्धिदात्री (27 मार्च) (Day 9 Maa Siddhidatri puja)

नवरात्रि के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। मां कमल पर विराजमान रहती हैं और सभी सिद्धियां प्रदान करती हैं। इस दिन बैंगनी या हल्के नीले रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है और मां को तिल या हलवा का भोग अर्पित करना चाहिए।

अष्टमी वाले दिन ही पड़ेगी राम नवमी

चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 26 मार्च की सुबह 11 बजकर 48 तक रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि शुरू हो जाएगी, जो 27 मार्च की सुबह 10 बजकर 6 तक रहेगी। वहीं, भगवान श्रीराम का जन्म चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को दोपहर 12 बजे हुआ था। इस कारण दोपहर 12 बजे नवमी तिथि 26 मार्च को रहेगी। इस कारण 26 मार्च को ही श्रीराम नवमी पड़ेगी।

नवरात्रि में क्या करें और क्या न करें (Navratri mein kya karein aur kya na karein)

नवरात्रि के दौरान साफ-सफाई, सात्विक भोजन, व्रत और नियमित पूजा करना शुभ माना जाता है। इन दिनों मांस, मदिरा और तामसिक भोजन से दूर रहना चाहिए। इसके साथ ही मन में सकारात्मक सोच रखें और किसी के प्रति गलत भावना न रखें।

डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी पंचांग और शास्त्रों पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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Mohit Tiwari
मोहित तिवारी author

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ... और देखें

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