Bhuvaneshwari Jayanti 2023 Date : मां भुवनेश्वरी शक्ति का आधार और समस्त प्राणियों की पालनहार हैं। इस वर्ष माता भुवनेश्वरी जी का जन्मदिन 26 सितम्बर 2023 को मनाया जाएगा। इनका स्वरूप दीप्तिमान और नाजुक है। चौदह भुवनों की स्वामिनी मां भुवनेश्वरी दस महाविद्याओं में से एक हैं। निर्मित क्रम में शक्ति ही महालक्ष्मी का रूप है। चंद्रमा देवी के मस्तक पर शोभायमान रूप से विराजमान है। इनकी पूजा करने से साधक को तमाम कष्टों से छुटकारा मिल जाता है। इसके साथ उसकी सारी इच्छाओं की पूर्ति होती है। आइए जानते हैं भुवनेश्वरी जयंती के महत्व और पूजा विधि के बारे में।
भुवनेश्वरी जयंती पूजा विधि ( Bhuvaneshwari Jayanti Puja Vidhi)
भुवनेश्वरी देवी की पूजा मुख्य रूप से सूर्य ग्रहण (ग्रहण), होली, दिवाली, महाशिवरात्रि, कृष्ण पक्ष और अष्टमी के दिन की जाती है। भुवनेश्वरी जयंती के दिन तंत्र साधकों द्वारा बड़े-बड़े कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। यह कार्यक्रम निम्नलिखित चरणों में चलाया जाता है।
- गुरु वन्दना
- गुरु पूजा
- गौ पूजा
- देवी का अभिषेक करें
- पुष्प अर्पित
- मां का श्रृंगार
- गणेश और नवग्रहों की पूजा करें
- श्री भुवनेश्वरी मूल मंत्र, संपुट पाठ, महापूजन यज्ञ
- दीप दान
- प्रसाद बांटे
भुवनेश्वरी जयंती महत्व ( Bhuvaneshwari Jayanti Importance)
ऐसा कहा जाता है कि भुवनेश्वरी जयंती के दिन देवी स्वयं पृथ्वी पर आती हैं। भुवनेश्वरी का अर्थ है संपूर्ण ब्रह्मांड की रानी। उन्हीं के बीज मंत्र से सृष्टि की रचना हुई। उन्हें राजेश्वरी परम्बा के नाम से भी जाना जाता है। भुवनेश्वरी देवी का व्यक्तित्व बहुत सौम्य है और वह अपने सभी भक्तों के प्रति दयालु हैं। वह अपने साधकों को बुद्धि और ज्ञान देती हैं और उनकी सदैव रक्षा करती हैं।
