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Bhanu Saptami 2024 Date: साल 2024 की आखिरी भानु सप्तमी कब? यहां जानिए तिथि और इसका महत्व

Bhanu Saptami 2024 Date: भानु सप्तमी का व्रत भगवान सूर्य देव की पूजा को समर्पित होता है। इस दिन सूर्य देव की उपासना की जाती है। आइए जानते हैं साल 2024 की आखिरी भानु सप्तमी का व्रत कब रखा जाएगा।

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Bhanu Saptami 2024

Bhanu Saptami 2024 Date: हिंदू धर्म में भानु सप्तमी के दिन को भगवान सूर्य देव की पूजा के लिए समर्पित माना गया है। पंचांग के अनुसार अगर किसी महीने की सप्तमी तिथि रविवार के दिन पड़ती है, तो वो भानु सप्तमी कहलाती है। भानु सप्तमी के दिन सूर्य देव की पूरे विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है। भगवान सूर्य देव को ऊर्जा, शक्ति और शौर्य का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में भानु सप्तमी पर व्रत रखने से और सूर्य देव की पूजा करने से साधक को स्वास्थ्य और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं साल 2024 की आखिरी भानु सप्तमी का व्रत किस दिन रखा जाएगा।

Bhanu Saptami 2024 Date (भानु सप्तमी 2024 डेट)

हिंदू पंचांग के अनुसार भानु सप्तमी का व्रत उस दिन रखा जाता है। जिस दिन किसी भी महीने की सप्तमी तिथि रविवार को पड़ती है। ऐसे में दिसंबर महीने में साल 2024 का आखिरी भानु सप्तमी का व्रत 22 दिसंबर 2024 को रविवार के दिन रखा जाएगा।

Bhanu Saptami 2024 Puja Shubh Muhurat (भानु सप्तमी पूजा शुभ मुहूर्त 2024)

इस महीने में सप्तमी तिथि की शुरुआत 21 दिसम्बर 2024, शनिवार को दिन में 12 बजकर 21 मिनट पर होगी और इसका समापन 22 दिसंबर को दोपहर 02 बजकर 31 मिनट पर होगा। ऐसे में 22 दिसंबर को सुबह अभिजीत मुहूर्त में पूजा करना शुभ होगा।

Bhanu Saptami Puja Vidhi (भानु सप्तमी पूजा विधि)

  • भानु सप्तमी के दिन सुबह स्नान के बाद साफ वस्त्र पहनें
  • उसके बाद भगवान सूर्य देव को प्रणाम करें और व्रत का संकल्प लें।
  • फिर साफ तांबे के लौटे में जल लेकर सूर्य देवता को अर्पित करें।
  • इसके बाद कपूर घी का दिया जलाकर सूर्य देवता की आरती करें।
  • इस दिन भगवान सूर्य देवता के मंत्रों का जाप भी करना चाहिए।
  • इस दिन भोजन में फलाहार का ही प्रयोग करें नमक का सेवन ना करें।

Bhanu Saptami ka Mahatva (भानु सप्तमी का महत्व)

शास्त्रों में भानु सप्तमी के दिन व्रत का बहुत ही खास महत्व है। ये दिन भगवान सूर्य देव की पूजा करने के लिए और उनकी कृपा पाने के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। इस दिन सच्चे मन से सूर्य देव की पूजा करने से साधक के समस्त पापों का नाश होता है और अंत समय में मोक्ष की प्राप्ति होती है। निरोगी काया के लिए भी सूर्य देव की पूजा करनी चाहिए। भानु सप्तमी पर दान-पुण्य करने साधक के जीवन में बरकत आती है।

Jayanti Jha
जयंती झाauthor

बिहार के मधुबनी जिले से की रहने वाली हूं, लेकिन शिक्षा की शुरुआत उत्तर प्रदेश की गजियाबाद जिले से हुई। दिल्ली विश्वविद्यायलय से हिंदी ऑनर्स से ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से हिंदी में मास्टर्स की डिग्री ली और इसके साथ ही दिल्ली के विवेकानंद कॉलेज से हिंदी पत्रकारिता में डिपलोमा किया। डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत 2022 में रफ्तार से हुई। अगस्त 2023 से Times Network में timesnowhindi.com के फीचर टीम के साथ जुड़ी हूं। इससे पहले vianet media pvt. ltd में बतौरा हिंदी टाइपिस्ट 1 साल काम किया। रफ्तार में रहकर आध्यात्म पर लिखना शुरू किया । आध्यात्म के बारे में जानना और उसके बारे में चर्चा करना पसंद है। ग्रहों, नक्षत्रों और राशियों के बारे में जानना बहुत पसंद है। लोगों तक सही जानकारी देना ही मेरी प्राथमिकता रहती है।

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