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Ayudha Puja 2024 Date And Time: आयुध पूजा कब है 12 या 13 अक्टूबर? नोट कर लें सही तारीख और समय

Ayudha Puja 2024 Date And Time: आयुध पूजा का पर्व आश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को यानि दशहरा के दिन मनाया जाता है। इस दिन लोग शुभ मुहूर्त में अपने शस्त्रों और काम में प्रयोग होने वाले उपकरणों की पूजा करते हैं। जानिए इस साल आयुध पूजा कब है।

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Ayudha Puja 2024 Date And Time

Ayudha Puja 2024 Date And Time: आयुध पूजा का त्योहार नवरात्रि के दसवें दिन मनाया जाता है। दक्षिण भारत के लोग इस दिन विश्वकर्मा पूजा के समान ही अपने उपकरणों और शस्त्रों की पूजा करते हैं। ऐतिहासिक रूप से आयुध पूजा के दिन आयुध यानि हथियारों की पूजा का ही प्रचलन था लेकिन समय के साथ-साथ इस अवसर पर सभी प्रकार के यन्त्रों की पूजा किए जाने लगी। कई लोग इस दिन अपने वाहनों की पूजा भी करते हैं। चलिए आपको बताते हैं इस साल आयुध पूजा कब है।

आयुध पूजा 2024 तिथि व मुहूर्त (Ayudh Puja 2024 Date And Time)

आयुध पूजा 12 अक्टूबर दिन शनिवार को है। इस सालआयुध पूजा का मुहूर्त दोपहर 02:03 से 02:49 बजे तक रहेगा।

आयुध पूजा कहां होती है (Ayudh Puja Kha Hoti Hai)

आयुध पूजा मुख्य रूप से कर्नाटक, तमिल नाडु, आन्ध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल समेत अन्य दक्षिण भारतीय क्षेत्रों में होती है।

आयुध पूजा पर वाहन पूजा

कई जगह आयुध पूजा के दिन वाहन पूजन करने की परंपरा शुरू हो गई है। इस अवसर पर लोग अपनी कार, स्कूटर और मोटर बाइक समेत अन्य वाहनों की भी पूजा करते हैं। इस पूजा के दौरान घर में उपयोग किये जाने वाले सभी प्रकार के वाहनों पर टीका लगाया जाता है। साथ ही माला भी पहनाई जाती है। फिर आम के पत्तों और केले के पत्तों से वाहन को सुसज्जित किया जाता है। फिर उनकी विधि विधान पूजा की जाती है। इसके बाद वाहन के समक्ष सिन्दूर और हल्दी से सुसज्जित एक श्वेत कद्दू की बलि दी जाती है। कहते हैं इस बलि के प्रभाव से समस्त प्रकार की नकारात्मक शक्तियां वाहन और वाहन के स्वामी से दूर रहती हैं।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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