Vastu Tips: इस दिन फर्नीचर खरीदना होता है अशुभ, घर में नकारात्मक शक्तियों का होता है वास

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 18, 2022, 11:35 AM IST

Furniture Tips: घर के कई जरूरी सामानों में फर्नीचर भी एक होता है। साथ ही इससे घर की शोभा भी बढ़ती है। लेकिन जाने-अनजाने हुई गलती के कारण फर्नीचर अशुभता का कारण भी बन जाता है। इसलिए फर्नीचर खरीदने से पहले आपको इससे संबंधित पूरी जानकारी होनी चाहिए। क्योंकि वास्तु के अनुसार लकड़ी से घर में गुडलक (Goodluck) आता है।

Vastu Tips: इस दिन फर्नीचर खरीदना होता है अशुभ, घर में नकारात्मक शक्तियों का होता है वास

Vastu Tips For Furniture: घर की खूबसूरती बढ़ाने में फर्नीचर की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वैसे तो आजकल मार्केट में लोहे, स्टील और प्लास्टिक से बने कई तरह के फर्नीचर मिलते हैं। लेकिन लकड़ी से बने फर्नीचर (Wooden Furniture) ही घर की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं। हर घर में फर्नीचर जरूर होते हैं। लेकिन फर्नीचर खरीदने से पहले इनकी कीमत और डिजाइन के साथ वास्तु को भी ध्यान में रखना चाहिए। क्योंकि फर्नीचर से ना सिर्फ आपके घर की शोभा बढ़ती है बल्कि फर्नीचर से आपके घर की सुख-समृद्धि भी जुड़ी होती है। गलत दिन और गलत तरह के फर्नीचर से घर पर नकारात्मक शक्तियों का वास हो सकता है। इसलिए हमेशा वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) के अनुसार ही फर्नीचर (Furniture) खरीदना चाहिए।

फर्नीचर के लिए अशुभ दिन

कभी भी मंगलवार और शनिवार को फर्नीचर नहीं खरीदना चाहिए। अगर आप फर्नीचर बनवा रहे हैं तो इन दिनों में फर्नीचर के लिए लकड़ी ना खरीदें। वास्तु के अनुसार घर के फर्नीचर के लिए ये दिन शुभ नहीं माने जाते हैं। इसके साथ ही अमावस्या (Amavasya) का दिन भी नए फर्नीचर के लिए शुभ नहीं माना जाता है। वास्तु के अनुसार यह भी कहा जाता है कि अमावस्या के दिन घर से जुड़ी कोई भी नई वस्तु नहीं खरीदनी चाहिए।

फर्नीचर के लिए दिशा का महत्व

हल्के या कम वजन वाले फर्नीचर को उत्तर और पूर्व दिशा की ओर रखना चाहिए। वहीं भारी फर्नीचर को दक्षिण और पश्चिम दिशा में रखना चाहिए। अगर आप घर के लिए नया फर्नीचर बनवाना चाहते हैं तो इसके लिए खरीदी गई लकड़ी को उत्तर, पूर्व या उत्तर पूर्व दिशा में न रखें।

ऐसे फर्नीचर से घर पर आती हैं नकारात्मक शक्तियां

कहा जाता है कि नकारात्मक पेड़ों की लकड़ियों से बने फर्नीचर से घर पर भी नकारात्मक शक्तियों का वास होने लगता है। इसलिए भूलकर भी पीपल, बहेड़ा, वटवृक्ष, कैथ, गूलर और करंज जैसी लकड़ियों से बना फर्नीचर घर पर न रखें। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि कभी भी फर्नीचर बनाने के लिए पुरानी लकड़ी का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

हर घर के लिए जरूरी सकारात्मक ऊर्जा 

बता दें कि, वास्तु शास्त्र ((Vastu Shastra) ) में हमेशा सकारात्मक ऊर्जा को महत्व दिया जाता है। वास्तु के अनुसार घर की हर चीज में ऊर्जा होती है, जिसका प्रभाव हमारे जीवन पर सकारात्मक या नकारात्मक रूप से पड़ता है। अगर आप वास्तु के अनुसार चीजों का रख-रखाव करते हैं इससे घर पर पॉजिटिविटी (Positivity) आती है।

(डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्‍स नाउ नवभारत इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है।)

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