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आज अहोई अष्टमी पर तारे कितने बजे निकलेंगे, जानें जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा और अजमेर में सितारों को अर्घ्य देने का समय

जानें जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा और अजमेर में आज अहोई अष्टमी पर तारे कितने बजे निकलेंगे: राजस्थान के विभिन्न शहरों में आज अहोई अष्टमी पर तारा दर्शन कितने बजे होगा। इसकी जानकारी आप यहां से कर सकते हैं।

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राजस्थान के सभी जिलों में तारा दर्शन का समय

आज 1 नवंबर 2026, रविवार को अहोई अष्टमी का व्रत रखा जा रहा है। इस दिन माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन की कामना के लिए व्रत रखती हैं। सुबह से उपवास रखने के बाद शाम को अहोई माता की पूजा की जाती है और व्रत कथा सुनी जाती है। इसके बाद आसमान में तारे दिखाई देने पर उन्हें अर्घ्य देकर व्रत खोलने की परंपरा है।

ऐसे में राजस्थान में रहने वाली महिलाओं के मन में सवाल है कि आज जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर और बीकानेर समेत प्रदेश के दूसरे शहरों में तारे कितने बजे दिखाई देंगे? राजस्थान के अलग-अलग शहरों में सूर्यास्त और शाम के अंधेरा होने का समय थोड़ा अलग है। ऐसे में तारा दर्शन का समय भी शहर के अनुसार बदल सकता है।

जयपुर में आज अहोई अष्टमी पर तारे देखने का समय शाम 6:08 बजे है। जोधपुर में शाम 6:20 बजे और उदयपुर में शाम 6:19 बजे तारे दिखाई देने का अनुमान है। आइए जानते हैं राजस्थान के सभी 41 जिलों में आज तारा दर्शन का समय क्या है।

राजस्थान में आज अहोई अष्टमी पर तारे कितने बजे निकलेंगे

अहोई अष्टमी पर महिलाएं दिनभर व्रत रखकर शाम को अहोई माता की पूजा करती हैं। पूजा के बाद तारों को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं। राजस्थान में 1 नवंबर को सूर्यास्त और शाम के अंधेरे के समय में शहरों के हिसाब से अंतर रहेगा। राजस्थान के प्रमुख शहरों में तारा दर्शन का समय शाम 6:01 बजे से 6:28 बजे के बीच रहने का अनुमान है। पूर्वी राजस्थान के कुछ शहरों में तारे जल्दी दिखाई दे सकते हैं, जबकि पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर और बाड़मेर जैसे शहरों में सूर्यास्त और अंधेरा देर से होगा।

राजस्थान के सभी 41 जिलों में अहोई अष्टमी पर तारे कितने बजे दिखेंगे

राजस्थान में वर्तमान में 41 जिले हैं। नीचे सभी जिलों के मुख्यालयों में 1 नवंबर 2026 को तारा दर्शन का अनुमानित समय दिया गया है।

राजस्थान के सभी 41 जिला मुख्यालयों में अहोई अष्टमी पर तारे दिखने का समय

  1. अजमेर: शाम 6:13 बजे।
  2. अलवर: शाम 6:05 बजे।
  3. बालोतरा: शाम 6:24 बजे।
  4. बांसवाड़ा: शाम 6:18 बजे।
  5. बारां: शाम 6:08 बजे।
  6. बाड़मेर: शाम 6:27 बजे।
  7. ब्यावर: शाम 6:15 बजे।
  8. भरतपुर: शाम 6:02 बजे।
  9. भीलवाड़ा: शाम 6:15 बजे।
  10. बीकानेर: शाम 6:17 बजे।
  11. बूंदी: शाम 6:11 बजे।
  12. चित्तौड़गढ़: शाम 6:15 बजे।
  13. चूरू: शाम 6:11 बजे।
  14. दौसा: शाम 6:07 बजे।
  15. डीग: शाम 6:02 बजे।
  16. धौलपुर: शाम 6:01 बजे।
  17. डीडवाना-कुचामन (डीडवाना): शाम 6:13 बजे।
  18. डूंगरपुर: शाम 6:20 बजे।
  19. हनुमानगढ़: शाम 6:12 बजे।
  20. जयपुर: शाम 6:08 बजे।
  21. जैसलमेर: शाम 6:28 बजे।
  22. जालौर: शाम 6:23 बजे।
  23. झालावाड़: शाम 6:10 बजे।
  24. झुंझुनूं: शाम 6:09 बजे।
  25. जोधपुर: शाम 6:20 बजे।
  26. करौली: शाम 6:04 बजे।
  27. खैरथल-तिजारा (खैरथल): शाम 6:04 बजे।
  28. कोटा: शाम 6:10 बजे।
  29. कोटपूतली-बहरोड़ (कोटपूतली): शाम 6:06 बजे।
  30. नागौर: शाम 6:17 बजे।
  31. पाली: शाम 6:20 बजे।
  32. फलोदी: शाम 6:22 बजे।
  33. प्रतापगढ़: शाम 6:16 बजे।
  34. राजसमंद: शाम 6:18 बजे।
  35. सलूम्बर: शाम 6:19 बजे।
  36. सवाई माधोपुर: शाम 6:07 बजे।
  37. सीकर: शाम 6:11 बजे।
  38. सिरोही: शाम 6:23 बजे।
  39. श्रीगंगानगर: शाम 6:13 बजे।
  40. टोंक: शाम 6:10 बजे।
  41. उदयपुर: शाम 6:19 बजे।

जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा और अजमेर में तारा दर्शन का समय

राजस्थान के पांच प्रमुख शहरों में आज अहोई अष्टमी पर तारे दिखने का अनुमानित समय इस प्रकार है।

  • जयपुर: शाम 6:08 बजे।
  • जोधपुर: शाम 6:20 बजे।
  • उदयपुर: शाम 6:19 बजे।
  • कोटा: शाम 6:10 बजे।
  • अजमेर: शाम 6:13 बजे।

जयपुर में सूर्यास्त शाम 5:44 बजे के आसपास हो गया है। इसके बाद आसमान में अंधेरा बढ़ने पर तारे दिखाई देने लगेंगे। जोधपुर और उदयपुर में सूर्यास्त जयपुर की तुलना में देर से होगा, इसलिए वहां तारा दर्शन का समय भी आगे रहेगा।

राजस्थान में अहोई अष्टमी की पूजा का शुभ मुहूर्त

अहोई अष्टमी पर शाम के समय अहोई माता की पूजा की जाती है। जयपुर में 1 नवंबर को पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:44 बजे से 7:01 बजे तक है। जोधपुर में पूजा का समय शाम 5:56 बजे से 7:13 बजे तक और उदयपुर में शाम 5:55 बजे से 7:12 बजे तक है। पूजा के दौरान अहोई माता की तस्वीर या दीवार पर बनी आकृति के सामने दीपक जलाएं। माता को रोली, अक्षत, फूल और मिठाई अर्पित करें। इसके बाद अहोई अष्टमी की व्रत कथा सुनें और संतान की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और खुशहाली की कामना करें।

अहोई अष्टमी पर चंद्रमा कितने बजे निकलेगा

अहोई अष्टमी पर ज्यादातर महिलाएं तारों को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं। हालांकि, कुछ परिवारों में चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत खोलने की परंपरा भी है। जयपुर में 1 नवंबर को चंद्रमा का उदय रात करीब 11:49 बजे होने का अनुमान है। जोधपुर और उदयपुर में चंद्रोदय 2 नवंबर की रात 12:02 बजे के आसपास हो सकता है। चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत खोलने वाली महिलाएं अपने स्थानीय पंचांग और पारिवारिक परंपरा के अनुसार समय देख सकती हैं।

अहोई अष्टमी पर तारों को अर्घ्य कैसे दें

अहोई माता की पूजा और व्रत कथा पूरी करने के बाद तारों के दर्शन का इंतजार करें। तारे दिखाई देने पर एक साफ लोटे में जल भरें। अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार जल में अक्षत और फूल डाल सकते हैं। इसके बाद खुले आसमान के नीचे जाकर तारों की ओर देखकर जल अर्पित करें। अहोई माता का ध्यान करें और संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य तथा सुखी जीवन की कामना करें। कुछ परिवारों में बच्चे के हाथ से जल ग्रहण करके व्रत खोलने की परंपरा भी है। पूजा और अर्घ्य के बाद प्रसाद ग्रहण करें।

Mohit Tiwari
मोहित तिवारीauthor

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ने प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों प्लेटफॉर्म पर काम किया है। देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों में गहरी रुचि रखने वाले मोहित ने ज्योतिष का भी व्यापक अध्ययन किया है। मोहित के आलेख लाइफस्टाइल, हेल्थ, न्यूज, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर गहरी शोध और प्रामाणिकता पर आधारित होते हैं और इन विषयों पर वह 12,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं।

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