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दिलजीत का शो खराब करने के लिए रची गई थी बड़ी साजिश, महिला स्लीपर सेल का हुआ इस्तेमाल, ऐन मौके पर दिल्ली पुलिस ने..

Diljit Dosanjh Show Conspiracy: खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के इशारे पर दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखने वाले तीन स्लीपर सेल को गिरफ्तार किया गया है। दिलजीत दोसांझ का शो खराब करने के लिए रची गई साजिश के लिए पन्नू ने एक लाख रुपये की डील तय की थी।

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दिलजीत दोसांझ (फोटो साभार- diljitdosanjh)

Diljit Dosanjh Show Conspiracy: पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ के शो को खराब करने की बड़ी साजिश को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नाकाम कर दिया था। खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के इशारे पर दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखने वाले तीन स्लीपर सेल को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक महिला भी शामिल है, जिसे पहली बार पन्नू ने अपने नेटवर्क में इस्तेमाल किया है।

एक लाख में तय हुई थी डील

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस पूरी साजिश के लिए पन्नू ने एक लाख रुपये की डील तय की थी। एडवांस के तौर पर 10 हजार रुपये हवाला के जरिये आरोपियों तक पहुंचाए गए थे। इसके बाद उन्हें मेट्रो स्टेशनों पर ग्रैफिटी लिखने का टास्क दिया गया। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की नॉर्दर्न रेंज ने जहांगीरपुरी और शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन पर ग्रैफिटी लिखने के मामले में कार्रवाई की है। इंस्पेक्टर अनुकूल पंवार और इंस्पेक्टर परवीन कुमार की टीम ने एसीपी राहुल कुमार सिंह की निगरानी में तीनों को दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुमीत उर्फ रफ्तार (30 साल, पानीपत), सुमित कुमार उर्फ काका (22 साल, गुरदासपुर) और गुरप्रीत (22 साल, होशियारपुर) के रूप में हुई है।

दो मेट्रो स्टेशन बने निशाना

29 अक्टूबर को जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन गेट नंबर-1 और 30 अक्टूबर को शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन गेट नंबर-2 पर अंग्रेजी में "DILJIT SINGH QUAM D GADDAR KHOON D BADLA SFJ KHALISTAN" लिखा मिला था। इसका मकसद दिलजीत के शो से पहले माहौल बिगाड़ना और दहशत फैलाना था।

ऐसे रची गई साजिश

मुख्य आरोपी सुमित उर्फ काका का संपर्क लुधियाना में SFJ से जुड़े लोगों से हुआ। उसे एक एन्क्रिप्टेड ऐप डाउनलोड कराया गया, जिस पर SFJ के हैंडलर ने ग्रैफिटी के टेम्पलेट भेजे। काका ने फिर बिगो और टैंगो लाइव ऐप से मिले अपने साथी सुमीत उर्फ रफ्तार और अपनी लिव-इन पार्टनर गुरप्रीत को इसमें शामिल किया। गुरप्रीत को शॉपिंग के बहाने दिल्ली लाया गया था। 28 अक्टूबर को तीनों दिल्ली पहुंचे। सुमीत ने जहांगीरपुरी में नारे लिखे और वीडियो बनाकर हैंडलर को भेजा, जबकि काका और गुरप्रीत ने शास्त्री नगर में ग्रैफिटी की।

पुलिस ने दो FIR- 0011/2026 (थाना मेट्रो आजादपुर) और 0010/2026 (थाना मेट्रो NSP) दर्ज की हैं। इन पर डिफेसमेंट ऑफ पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट और मेट्रो एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है। पूछताछ में सामने आया है कि काका ने GTK बाईपास पर भी नारे लिखे थे। स्पेशल सेल अब हवाला नेटवर्क और SFJ हैंडलर की तलाश में जुटी है।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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