Maa Lakshmi Signs: ये संकेत मिल रहे हैं तो हो जाए प्रसन्न, जल्द ही मां लक्ष्मी करने वाली है घर में वास

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 4, 2022, 03:40 PM IST

Auspicious Sign: मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए लोग कई तरह के उपाय करते हैं। कहते हैं कि जिस किसी पर भी मां लक्ष्मी की कृपा हो जाए उस व्यक्ति को कभी भी धन धान्य की कमी नहीं होती है।

Maa Lakshmi Signs: ये संकेत मिल रहे हैं तो हो जाए प्रसन्न, जल्द ही मां लक्ष्मी करने वाली है घर में वास

Signs Of Goddess Lakshmi: हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी को धन की देवी कहा गया है। ऐसी मान्यता है कि विधि विधान से मां लक्ष्मी की पूजा अर्चना करने पर हर मनोकामना पूरी होती है और कभी घर में कभी भी धन की कमी नहीं होती है। मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए लोग कई तरह के उपाय करते हैं, ताकि मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त हो सके। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक मां लक्ष्मी आपके घर आने से पहले कई संकेत देती हैं। अगर आप को भी यह संकेत महसूस हो रहे हैं तो समझ लीजिए मां लक्ष्मी की कृपा आप पर जल्द ही होने वाली है और वह जल्दी आपके घर पर निवास करने वाली हैं।

उल्लू के दर्शन है बेहत शुभ संकेत

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अगर व्यक्ति को कहीं भी उल्लू दिखाई दें तो समझ लीजिए मां लक्ष्मी आप पर प्रसन्न होने वाली हैं। हिंदू धर्म में उल्लू को मां लक्ष्मी का वाहन बताया गया है। ऐसे में अगर कहीं भी अचानक उल्लू के दर्शन हो जाए तो यह बेहद शुभ संकेत माने जाते हैं।

झाड़ू देखना शुभ संकेत

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति को सुबह-सुबह घर से निकलते हुए झाड़ू लगाता हुआ दिखाई पड़ जाए या रास्ते में झाड़ू दिखाई पड़ जाए तो यह भी बेहद शुभ संकेत माना जाता है। दरअसल मां लक्ष्मी वहीं वास करती हैं, जहां साफ सफाई हो मां लक्ष्मी को झाड़ू बहुत ही प्रिय है। ऐसे में किसी को झाड़ू लगाता देख यह शुभ संकेत माना जाता है।

शंख की ध्वनि भी है शुभ

इसके अलावा शंख की ध्वनि भी बेहद शुभ संकेत देता है। शंख हिंदू धर्म में बेहद पवित्र चीज मानी जाती है। हिंदू धर्म में देवी देवताओं की पूजा व धार्मिक अनुष्ठान के लिए शंख का इस्तेमाल किया जाता है। शंख भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को बेहद प्रिय है। ऐसे में अगर आपको सुबह उठकर शंख की ध्वनि सुनाई दें तो समझ लीजिए मां लक्ष्मी आप पर प्रसन्न होने वाली हैं।

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

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