Bhadrapada Month 2022: शुरू होने वाला है भाद्रपद माह, जानें इस महीने में क्या करें और क्या नहीं

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 11, 2022, 08:40 AM IST

Bhadrapada 2022: सावन माह समाप्त होने के बाद भाद्रपद माह शुरू होने वाला है। 13 अगस्त 2022 से भाद्रपद या भादो महीने की शुरुआत हो रही है। भाद्रपद माह में कई व्रत-त्योहार पड़ते हैं। इसलिए धार्मिक दृष्टिकोण से यह माह बेहद खास माना जाता है।

Bhadrapada Month 2022: शुरू होने वाला है भाद्रपद माह, जानें इस महीने में क्या करें और क्या नहीं

Bhadrapada Month 2022 Importance: सावन माह 12 अगस्त 2022 को समाप्त होने के बाद 13 अगस्त 2022 से भाद्रपद माह की शुरुआत हो रही है। भाद्रपद का महीना हिंदू कैलेंडर का छठा और चातुर्मास का दूसरा महीना होता है। ज्योतिष में भाद्रपद माह को कल्याण करने वाला बताया गया है। भाद्रपद माह को भादो, भाद्र या भादवा भी कहा जाता है। इस माह कृष्ण जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, तीज जैसे कई प्रमुख व्रत-त्योहार पड़ते हैं। इसलिए धार्मिक दृष्टिकोण से भी भाद्र माह खास माना जाता है। यह माह पूजा-पाठ के लिए तो शुभ होता है लेकिन चातुर्मास होने के कारण इस माह मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं। जानते हैं भाद्रमाह में किन कामों को करना चाहिए और इस माह कौन से कार्य वर्जित होते हैं।

भाद्रमाह में वर्जित माने जाते हैं कार्य

  • भाद्रपद माह में गुड़, दही या इससे बनी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। दरअसल इन सब चीजों का सेवन इस माह स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक होता है। इससे पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
  • भाद्रपद माह में लहसुन, प्याज, मांस, मछली और तामसिक भोजन के सेवन से बचना चाहिए। साथ ही भाद्रपद माह में भौतिक सुख-सुविधाओं का त्याग करना चाहिए।
  • भाद्रपद माह में पड़ने वाले प्रत्येक रविवार के दिन बाल नहीं कटाना चाहिए और इस दिन नमक का सेवन भी नहीं करना चाहिए।

भाद्रमाह में करें ये कार्य

  • भाद्रपद माह में ज्योतिष शास्त्र के अनुसार स्नान-दान का विशेष महत्व होता है। इस महीने पवित्र नदी में स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। भादो माह में जरूरतमंद और गरीबों को दान देना चाहिए।
  • भाद्र माह में तुलसीदल अर्पित करते हुए भगवान श्री कृष्ण की पूजा करनी चाहिए। इससे वे प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं।
  • भाद्रपद माह में शाकाहारी भोजन को सर्वोत्तम माना गया है। बुद्धि और शारीरिक विकास के लिए इस माह शाकाहारी भोजन करें। लेकिन मूली और बैंगन के सेवन से बचना चाहिए।
  • इस महीने माखन और गाय के घी का सेवन करें। माखन खाने से उम्र में वृद्धि होती है। वहीं गाय का घी खाने से पुष्टि मिलती है।
  • भाद्रपद माह में गोमूत्र की कुछ बूंदे पानी में मिलाकर स्नान करने से व्यक्ति के समस्त पापों का नाश होता है।

शास्त्रों में भाद्रपद माह यानी भादो के महीने को भक्ति और मुक्ति का माह बताया गया है। इस माह कई व्रत-त्योहार पड़त हैं। लेकिन इस माह भगवान कृष्ण और गणेशजी की पूजा का विशेष महत्व होता है। इसके अलावा इस महीने  हरतालिका तीज, ऋषि पंचमी, डोल ग्यारस और अनंत चतुर्दशी आदि जैसे व्रत और पर्व पड़ते हैं।

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

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