Gomed Ratna: नीरस जीवन भी बन जाएगा खूबसूरत, धारण करें राहु से संबंधित गोमेद रत्न

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 29, 2022, 08:20 PM IST

Gemology: गोमेद एक खूबसूरत रत्न होता है, जिसका संबंध राहु ग्रह से होता है। इस रत्न को धारण करने से नीरस जीवन भी खुशियों से भर जाती है। लेकिन गोमेद पहनने के कुछ नियम होते हैं, तभी इसका फल मिलता है।

Gomed Ratna: नीरस जीवन भी बन जाएगा खूबसूरत, धारण करें राहु से संबंधित गोमेद रत्न

Gomed Gemstone: ज्योतिष शास्त्र और रत्न शास्त्र में ग्रहों और राशि के अनुसार रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है। रत्नों का हमारे जीवन पर विशेष प्रभाव पड़ता है। व्यक्ति की कुंडली में चल रहे ग्रह दोष या ग्रहों के प्रभावों को अनुकूल बनाने के लिए ज्योतिष रत्न पहनने की सलाह देते हैं। कई रत्नों में गोमेद रत्न को ज्योति में खूबसूरत रत्न माना गया है, जिसका संबंध राहु से होता है। गोमेद रत्न पहनने के कुंडली में राहु शांत रहता है। साथ ही जिन व्यक्ति की कुंडली में शनि दोष है, वह भी इस रत्न को धारण कर सकते हैं। लेकिन किसी भी रत्न को धारण करने से पहले ज्योतिष सलाह जरूर लेनी चाहिए।

खूबसूरत रत्न है गोमेद

गोमेद को ज्योतिष में बेहद खूबसूरत रत्न माना गया है। यह चमकदार और अपारदर्शी रत्न होत है। जोकि भूरे या लांल रंग का होता है। इसे हिंदी में गोमेद और अंग्रेजी में हैसोनाइट स्टोन के नाम से जाना जाता है। कहा जाता है कि जब भी गोमेद रत्न धारण करें तो छह रत्ती से कम का गोमेद धारण नहीं करना चाहिए।

गोमेद के साथ भूलकर भी न पहनें ये रत्न

अगर आप गोमेद रत्न धारण करने जा रहे हैं तो इस बात का जरूर ध्यान रखें कि गोमेद के साथ माणिक्य, मूंगा और पुखराज रत्न को नहीं पहनना चाहिए। वरना गोमेद के शुभ फल की जगह अशुभ फल मिलने लगते हैं। गोमेद पहनने से कुंडली में न सिर्फ राहु शांत होता है। बल्कि इससे चंद्र दोष भी दूर होते हैं और शनि ग्रह का दुष्प्रभाव भी कम होता है।

गोमेद से नीरस जीवन में आएगी खुशहाली का रंग

गोमेद पहनने से आपकी सभी समस्याएं दूर होंगी। वृष, मिथुन, कन्या, तुला और कुंभ राशि के लोगों को गोमेद पहनने से लाभ होता है। इससे सभी रुके और अधूरे कार्य पूरे होते हैं। साथ ही इस रत्न को पहनने से कान, आंख और जोड़ों के दर्द से संबंधित बीमारियां भी ठीक होती है।


गोमेद धारण करने की विधि

ज्योतिष की माने तो कोई भी रत्न कुंडली और ग्रहों की दशाओं को जानकर धारण करना उचित होता है। इसलिए हमेशा ही इसे ज्योतिष की सलाह पर भी पहनें। गोमेद को चांदी या अष्टधातु में जड़वाकर कनिष्ठा अंगुली में पहनना चाहिए। इससे राहु के अशुभ प्रभाव दूर होंगे और जीवन में खुशहाली आएगी।


(डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्‍स नाउ नवभारत इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है।)

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