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Rama Ekadashi 2026: रमा एकादशी कब है? नवंबर की पहली एकादशी की तारीख, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और धार्मिक महत्व

Rama Ekadashi 2026: नवंबर 2026 की पहली एकादशी कब मनाई जाएगी। जानें रमा एकादशी व्रत की सही तारीख, शुभ मुहूर्त, पारण का समय, पूजा विधि और धार्मिक महत्व।

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रमा एकादशी कब है (Photo - AI)

Rama Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को बेहद पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है। यह दिन भगवान विष्णु की आराधना के लिए विशेष होता है। सालभर में कुल 24 एकादशी आती हैं और प्रत्येक एकादशी का अपना अलग धार्मिक महत्व है। नवंबर 2026 की शुरुआत भी भगवान विष्णु की प्रिय एकादशी से होने जा रही है। कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली इस एकादशी को रमा एकादशी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की पूजा करने से सुख-समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं नवंबर 2026 में रमा एकादशी कब है, पूजा के लिए कौन सा समय शुभ रहेगा और इस व्रत का धार्मिक महत्व क्या है।

नवंबर 2026 में रमा एकादशी कब है? (Rama Ekadashi 2026 Date)

पंचांग के अनुसार, साल 2026 में रमा एकादशी का व्रत 5 नवंबर, गुरुवार को रखा जाएगा। यह कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने की परंपरा है। एकादशी के दिन भक्त सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं और भगवान विष्णु के सामने व्रत का संकल्प लेते हैं। कुछ श्रद्धालु निर्जला व्रत रखते हैं, जबकि कई लोग फलाहार के साथ उपवास करते हैं। मान्यता है कि श्रद्धा और भक्ति के साथ रमा एकादशी का व्रत करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

रमा एकादशी 2026 तिथि और शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)

  • रमा एकादशी व्रत: 5 नवंबर 2026, गुरुवार
  • एकादशी तिथि प्रारंभ: 4 नवंबर 2026, सुबह 11:03 बजे
  • एकादशी तिथि समाप्त: 5 नवंबर 2026, सुबह 10:35 बजे
  • व्रत पारण: 6 नवंबर 2026, सुबह 6:37 से 8:48 बजे तक

रमा एकादशी की पूजा विधि (Rama Ekadashi Puja Vidhi)

रमा एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थल की सफाई करके भगवान विष्णु के सामने दीपक जलाएं और व्रत का संकल्प लें।

  1. भगवान विष्णु को पीले फूल, पीला चंदन, फल और तुलसी दल अर्पित करें।
  2. परंपरा के अनुसार, भगवान को पंचामृत से स्नान कराएं।
  3. पूजा के दौरान 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें।
  4. रमा एकादशी की व्रत कथा का पाठ करें या सुनें।
  5. भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आरती करें।
  6. शाम के समय दीपक जलाकर भगवान का स्मरण करें।
  7. अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करें।

रमा एकादशी का धार्मिक महत्व (Rama Ekadashi Significance)

धार्मिक मान्यताओं में रमा एकादशी को पापों से मुक्ति दिलाने वाली एकादशी माना गया है। कहा जाता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से व्यक्ति को पुण्य फल प्राप्त होता है। इस एकादशी का संबंध माता लक्ष्मी से भी है। मान्यता है कि उनकी आराधना करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। स्कंद पुराण सहित विभिन्न धार्मिक ग्रंथों में एकादशी व्रत की महिमा का वर्णन मिलता है। रमा एकादशी का आध्यात्मिक संदेश केवल उपवास रखने तक सीमित नहीं है। यह दिन मन को संयमित रखने, नकारात्मक विचारों से दूर रहने और जरूरतमंदों की सहायता करने की प्रेरणा भी देता है।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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