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एयर चीफ मार्शल एपी सिंह हुए रिटायर,42 साल का रहा शानदार सैन्य सफर,ऑपरेशन सिंदूर से आत्मनिर्भर वायुसेना तक

भारतीय वायुसेना के 28वें प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह 42 साल की सैन्य सेवा के बाद 31 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त हो गए। उन्होंने वायुसेना की कमान एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को सौंपी, जिन्होंने 29वें वायुसेना प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी संभाली। अपने कार्यकाल में एपी सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर, वायुसेना के आधुनिकीकरण, स्वदेशी लड़ाकू विमानों और भविष्य के युद्ध की तैयारियों पर खास जोर दिया।

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भारतीय वायुसेना के 28वें प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह 42 साल की सैन्य सेवा के बाद हुए रिटायर।

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

भारतीय वायुसेना के 28वें प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह यानी एपी सिंह 42 साल की शानदार सैन्य सेवा के बाद आज 31 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त हो गए। उन्होंने भारतीय वायुसेना की कमान अपने उत्तराधिकारी एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को सौंप दी। इसके साथ ही भारतीय वायुसेना में नेतृत्व का बदलाव हुआ और आशुतोष दीक्षित ने 29वें वायुसेना प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी संभाल ली।

सेवानिवृत्ति के दिन एपी सिंह ने दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद एयर फोर्स स्टेशन, नई दिल्ली में वायुसेना के एयर वॉरियर्स ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर विदाई दी। 42 साल की वर्दी में सेवा के बाद यह उनके सैन्य करियर का औपचारिक समापन रहा।

फाइटर पायलट से वायुसेना प्रमुख तक का सफर

एपी सिंह को 21 दिसंबर 1984 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था। वह एक अनुभवी फाइटर पायलट और टेस्ट पायलट रहे। अपने लंबे करियर में उन्होंने 5,000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव हासिल किया और मिग-21, मिग-29, सुखोई-30 एमकेआई, तेजस और किरण जैसे विमानों को उड़ाया।

30 सितंबर 2024 को उन्होंने भारतीय वायुसेना के 28वें प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाला। करीब 25 महीने तक इस पद पर रहते हुए उन्होंने वायुसेना की ऑपरेशनल तैयारियों और आधुनिकीकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम किया।

ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना की भूमिका

एपी सिंह के कार्यकाल का सबसे अहम सैन्य पड़ाव ऑपरेशन सिंदूर रहा। मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की।

इस अभियान में भारतीय वायुसेना की भूमिका महत्वपूर्ण रही। ऑपरेशन के बाद एपी सिंह ने भारतीय वायुसेना की ऑपरेशनल तैयारियों, हथियार प्रणालियों और एयर डिफेंस क्षमताओं को लेकर कई अहम जानकारियां साझा कीं। उन्होंने आधुनिक युद्ध में वायुसेना की भूमिका और मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम की जरूरत को भी रेखांकित किया।

आत्मनिर्भर वायुसेना पर जोर

एपी सिंह ने अपने कार्यकाल में स्वदेशी रक्षा तकनीक और भारत में लड़ाकू विमानों के निर्माण पर विशेष जोर दिया। तेजस लड़ाकू विमान, स्वदेशी हथियार प्रणालियां, आधुनिक रडार और ड्रोन तकनीक भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण के अहम हिस्से रहे।

तेजस विमानों की डिलीवरी में हो रही देरी को लेकर उन्होंने HAL के सामने अपनी चिंताएं भी रखीं। उनका जोर इस बात पर रहा कि भारतीय वायुसेना की जरूरतों के मुताबिक आधुनिक लड़ाकू विमानों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित हो।

भविष्य के युद्ध की तैयारी

आधुनिक युद्ध में ड्रोन, मिसाइल, साइबर और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर की बढ़ती भूमिका को देखते हुए भारतीय वायुसेना की क्षमताओं को मजबूत करना उनके कार्यकाल की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल रहा। इसके अलावा तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल, आधुनिक हथियार प्रणालियों और नेटवर्क आधारित युद्ध क्षमता को मजबूत करने पर भी उन्होंने जोर दिया।

आखिरी उड़ान ने बनाया यादगार पल

सेवानिवृत्ति से पहले एपी सिंह की आखिरी उड़ान भी बेहद खास रही। 20 अक्टूबर 2026 को उन्होंने हैदराबाद के पास डुंडीगल में HJT-16 किरण Mk-1 ट्रेनर विमान से अपनी अंतिम उड़ान भरी। इस दौरान उनके साथ उनके पहले फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर विंग कमांडर वीएस कोचर (रिटायर्ड) भी मौजूद थे।

करीब 55 मिनट की इस उड़ान ने उनके चार दशक से अधिक लंबे उड़ान करियर को एक भावुक और यादगार विदाई दी। इससे पहले उन्होंने तेजस लड़ाकू विमान से भी अपनी अंतिम फाइटर उड़ान भरी थी।

राजनाथ सिंह ने भी दी विदाई

26 अक्टूबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एयर चीफ मार्शल एपी सिंह को औपचारिक विदाई दी थी। इस दौरान रक्षा मंत्री ने उनके 42 साल के सैन्य करियर, नेतृत्व और देश के प्रति योगदान की सराहना की। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के सफल संचालन और भारतीय वायुसेना की क्षमताओं को मजबूत करने में एपी सिंह की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।

42 साल की सैन्य सेवा, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नेतृत्व और वायुसेना के आधुनिकीकरण से जुड़े प्रयासों के साथ एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का कार्यकाल समाप्त हो गया। एक फाइटर पायलट के रूप में शुरू हुआ उनका सफर भारतीय वायुसेना के सर्वोच्च पद तक पहुंचा और अब वह वर्दी में अपनी चार दशक से अधिक लंबी सेवा पूरी कर चुके हैं।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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