Hartalika Teej Vrat 2022 Arti: हरतालिका तीज के दिन करें ये आरती, मिलेगा अखंड सौभाग्य का आशीष

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 27, 2022, 09:12 AM IST

Hartalika Teej 2022 Shubh Muhurat: हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल हरतालिका तीज का व्रत 30 अगस्त को रखा जाएगा। इस दिन माता पार्वती व भगवान शिव की पूजा की जाती है। यह व्रत सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए रखती हैं।

Hartalika Teej Vrat 2022 Arti: हरतालिका तीज के दिन करें ये आरती, मिलेगा अखंड सौभाग्य का आशीष

Hartalika Teej 2022 Aarti: भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हर साल हरतालिका तीज का व्रत रखा जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल हरतालिका तीज का व्रत 30 अगस्त दिन मंगलवार को रखा जाएगा। हिंदू धर्म में हरतालिका तीज के व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए रखती हैं। वहीं इस व्रत को कुंवारी लड़कियां भी अच्छा वर पाने के लिए रखती हैं। हरतालिका तीज का व्रत भगवान शिव व माता पार्वती को समर्पित होता है। यह व्रत करवा चौथ की तरह होता है। इस व्रत में भी अनाज व जल ग्रहण नहीं किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि हरतालिका तीज के दिन भगवान शिव व माता पार्वती की विधि विधान से पूजा पाठ व व्रत रखने से हर मनोकामना जल्द पूरी होती है। इस दिन माता पार्वती की आरती जरूर पढ़नी चाहिए। इससे माता पार्वती की विशेष कृपा होती है।

माता पार्वती की आरती ( Hartalika Teej 2022 Aarti)

जय पार्वती माता जय पार्वती माता
ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल कदा दाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता
जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा
देव वधु जहं गावत नृत्य कर ताथा।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।







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सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता
हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
शुम्भ निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता
सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाथा।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
सृष्ट‍ि रूप तुही जननी शिव संग रंगराता
नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
देवन अरज करत हम चित को लाता
गावत दे दे ताली मन में रंगराता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता
सदा सुखी रहता सुख संपति पाता।
जय पार्वती माता मैया जय पार्वती माता।














पार्वती ने रखा भगवान शिव के लिए यह व्रत

शिव पुराण के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए इस व्रत को रखा था। माता पार्वती की आराधना से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपने अर्धांगी के रूप स्वीकार किया था, इसलिए इस व्रत का महत्व कई गुना ज्यादा बढ़ जाता है।

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

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