Sunrise Time Today (14 April 2026) Aaj Sattuan Ka Time Kya Hai (आज सतुआन का टाइम क्या है): पंचांग के अनुसार आज 14 अप्रैल 2026 को वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है। यह दिन खास इसलिए भी है क्योंकि आज एकादशी का पारण किया जाएगा और सतुआन का पर्व भी धूमधाम से मनाया जाएगा। आज की सुबह आध्यात्मिक ऊर्जा, नई शुरुआत और समृद्धि का संदेश लेकर आएगी। सनातन धर्म में सूर्योदय का समय अत्यंत पवित्र माना गया है, विशेषकर एकादशी के अगले दिन पारण के लिए सही समय का विशेष महत्व होता है। आइए जानते हैं आज देश के प्रमुख शहरों में सूर्योदय का अनुमानित समय। आगे जानें आज सतुआन का सही समय क्या है?
शहरों के अनुसार सूर्योदय का समय (अनुमानित)
- नई दिल्ली - सुबह 05:56 बजे
- मुंबई - सुबह 06:18 बजे
- कोलकाता - सुबह 05:14 बजे
- चेन्नई - सुबह 05:52 बजे
- बेंगलुरु - सुबह 06:02 बजे
- हैदराबाद - सुबह 05:56 बजे
- अहमदाबाद - सुबह 06:17 बजे
- जयपुर - सुबह 06:02 बजे
- लखनऊ - सुबह 05:41 बजे
- पटना - सुबह 05:26 बजे
- भोपाल - सुबह 05:59 बजे
- चंडीगढ़ - सुबह 05:56 बजे
- गुवाहाटी - सुबह 04:54 बजे
- पुणे - सुबह 06:14 बजे
- नागपुर - सुबह 05:52 बजे
- वाराणसी - सुबह 05:36 बजे
- देहरादून - सुबह 05:51 बजे
- भुवनेश्वर - सुबह 05:27 बजे
- रायपुर - सुबह 05:42 बजे
- श्रीनगर - सुबह 05:58 बजे
आज सतुआन का टाइम क्या है
आज 14 अप्रैल 2026, मंगलवार को सतुआन का पर्व श्रद्धा और परंपरा के साथ मनाया जा रहा है। इस शुभ अवसर का पुण्य काल सुबह 05:57 बजे से शुरू होकर दोपहर 01:55 बजे तक रहेगा, जिसमें पूजा, दान और सतुआ का सेवन विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
सतुआन का महत्व
सतुआन का पर्व मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में मनाया जाता है। यह त्योहार गर्मी की शुरुआत और नई फसल के स्वागत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन सत्तू का सेवन शरीर को ठंडक देता है। दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। यह त्योहार प्रकृति के प्रति आभार, सादगी, स्वास्थ्य और संतुलित जीवन जीने का संदेश देता है।
आज सूर्यदेव का पूजन कैसे करें?
आज सूर्योदय के समय भगवान सूर्य देव का पूजन करने के लिए सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। तांबे के लोटे में जल, लाल फूल, अक्षत और रोली मिलाकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय सूर्य मंत्र या गायत्री मंत्र का जाप करें। इसके बाद कम से कम 5–10 मिनट सूर्य की ओर ध्यान लगाएं। अंत में भगवान से सुख, स्वास्थ्य और सफलता की कामना करें। यह पूजा सकारात्मक ऊर्जा और आत्मबल बढ़ाने में सहायक मानी जाती है।
आज एकादशी है या द्वादशी
वरुथिनी एकादशी तिथि (वैशाख कृष्ण पक्ष की एकादशी) का व्रत 13 अप्रैल को रखा गया है। हालांकि इसका पारण आज यानी 14 अप्रैल यानी द्वादशी तिथि में होगा। इसलिए आज का सूर्योदय एकादशी तिथि में नहीं बल्कि द्वादशी तिथि में होगा।
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