अध्यात्म

Premanand Ji Maharaj Darshan Time 14 April 2026: कब होंगे प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन? जानें सही समय और स्थान का नाम

Premanand Ji Maharaj Darshan Time ( 14 April 2026): प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन के समय और स्थान की जानकारी नहीं हैं, तो जानें 14 April 2026 के दिन प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन कहां होंगे?

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प्रेमानंद जी के दर्शन का टाइम

Premanand Ji Maharaj Darshan Time (14 April 2026): प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन के लिए वृंदावन में हर दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। अगर आप 14 अप्रैल 2026, मंगलवार को महाराज जी के दर्शन करने की योजना बना रहे हैं, तो यह जरूरी है कि आप समय और स्थान की सही जानकारी पहले से जान लें। बदली हुई व्यवस्था के चलते अब दर्शन का तरीका पहले से थोड़ा अलग हो गया है, लेकिन श्रद्धा और भक्ति का उत्साह पहले जैसा ही बना हुआ है। यदि आप कल यानी 14 अप्रैल को प्रेमानंद जी के दर्शन करना चाहते हैं, तो जान लें दर्शन का सही समय और स्थान।

सुबह से बहती है भक्ति की धारा

महाराज जी के आश्रम में दिन की शुरुआत बहुत ही पवित्र और शांत वातावरण में होती है। सुबह के समय भजन, सत्संग और आरती से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है। सुबह 7:00 बजे से 10:00 बजे तक श्री हित राधा केलि कुंज आश्रम में दर्शन का प्रमुख समय माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं, इसलिए समय से पहले पहुंचना लाभदायक रहता है।

  • 04:15 AM – 05:45 AM: दैनिक सत्संग, जहां भक्त महाराज जी के उपदेश सुनते हैं
  • 05:45 AM – 06:30 AM: मंगला आरती और वन विहार
  • 06:30 AM – 08:00 AM: श्री राधा सुधा निधि पाठ
  • 07:00 AM – 08:00 AM: एकांतिक वार्तालाप (सीमित लोगों के लिए)
  • 08:15 AM – 09:00 AM: श्रृंगार आरती और भक्त नामावली
  • 09:00 AM – 09:30 AM: राधा नाम संकीर्तन

शाम के समय का शेड्यूल

रविवार की शाम को आश्रम में विशेष भक्तिमय वातावरण देखने को मिलता है।

  1. 04:00 PM – 04:15 PM धूप आरती
  2. 04:15 PM – 05:15 PM वाणी पाठ
  3. 05:15 PM – 05:45 PM सत्संग एवं चर्चा
  4. 05:45 PM – 06:00 PM संध्या आरती

यह समय उन भक्तों के लिए खास होता है जो दिनभर की भागदौड़ के बाद शांति और सुकून की तलाश में आश्रम पहुंचते हैं।

14 अप्रैल को कैसे करें प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन?

अगर आप सोच रहे हैं कि क्या 14 अप्रैल को महाराज जी पारंपरिक वृंदावन परिक्रमा मार्ग पर मिलेंगे, तो इसका जवाब है नहीं। नई व्यवस्था के अनुसार, प्रेमानंद जी महाराज अब परिक्रमा मार्ग पर नहीं आते हैं। इसके बजाय वे सौरभि कुंड की ओर जाते हुए रास्ते में ही भक्तों को दर्शन देते हैं। सुबह लगभग 06:00 AM से 07:00 AM के बीच महाराज जी इस मार्ग पर पहुंचते हैं। यही समय सबसे उपयुक्त माना जाता है जब श्रद्धालु उनके दर्शन कर सकते हैं।

सौरभि कुंड तक पहुंचने के लिए केलि कुंज से लगभग 1 किलोमीटर की दूरी तय करनी होती है। महाराज जी यहां तक वाहन से आते हैं और फिर कुछ दूरी पैदल चलते हुए भक्तों को दर्शन देते हैं। इस दौरान श्रद्धालु कतार में खड़े होकर हाथ जोड़कर उनके दर्शन करते हैं।

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gulshan kumar
गुलशन कुमार author

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लो... और देखें

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