अध्यात्म

आज क्या है, कौन सा व्रत है, आज एकादशी है या नहीं, आज कौन सी एकादशी रखी जा रही है

  • Authored by: Srishti
  • Updated Mar 15, 2026, 06:33 AM IST

Aaj kya hai (आज एकादशी है क्या, आज कौन की एकादशी है): 15 मार्च 2026 की तिथि शुभ संयोग वाली मानी जा रही है। आज क्या है, कौन सा व्रत है इसके बारे में आप यहां से जान सकते हैं। साथ ही आज एकादशी है या नहीं और आज कौन की एकादशी है, इस सवाल का जवाब भी यहां दिया गया है।

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15 मार्च 2026 आज कौन सी एकादशी है (pc: canva)

Aaj kya hai (आज एकादशी है क्या, आज कौन की एकादशी है): आज रविवार का दिन है और अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 15 मार्च 2026 की तारीख है। हिंदू पंचांग से देखें तो चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। यहां से आप आज के व्रत -त्योहार के बारे में जानकारी पा सकते हैं। साथ ही यहां इस कंफ्यूजन को भी दूर किया गया है कि आज एकादशी का व्रत है या नहीं है।

आज क्या है, आज एकादशी है या नहीं?

पंचांग के अनुसार, मार्च 14, 2026 को 08:10 बजे एकादशी तिथि प्रारम्भ हुई है। वहीं, आज यानी मार्च 15, 2026 को 09:16 बजे तक एकादशी की तिथि रहेगी। ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, आज ही एकादशी का व्रत रखा जा रहा है।

आज कौन सी एकादशी है?

आज 15 मार्च 2026 दिन रविवार को पापमोचनी एकादशी है। इस दिन व्रत और पूजा करने से पापों से मुक्ति और पुण्य की प्राप्ति होने की मान्यता है। इस दिन उपवास रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से जीवन के पापों का नाश होता है। भक्त विष्णु सहस्रनाम, कथा और भजन का पाठ करते हैं।

आज के शुभ मुहूर्त-

  • ब्रह्म मुहूर्त- 4:55 AM से 5:53 AM
  • प्रातः सन्ध्या- 5:19 AM से 6:31 AM
  • अभिजित मुहूर्त- 12:06 PM से 12:54 PM
  • गोधूलि मुहूर्त- 18:27 से 18:51
  • अमृत काल- 19:03 से 20:43
  • विजय मुहूर्त- 14:30 से 15:18
  • सायाह्न सन्ध्या- 18:29 से 19:41

पापमोचनी एकादशी की पूजा विधि-

पापमोचनी एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें। घर के मंदिर में भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें और उन्हें धूप, दीप, फूल, फल और तुलसी दल अर्पित करें। पूजा के दौरान विष्णु मंत्र या विष्णु सहस्रनाम का जप करना शुभ माना जाता है। दिन भर व्रत रखते हुए भगवान विष्णु का स्मरण करें और शाम को आरती करें। इसके बाद अगले दिन यानी द्वादशी तिथि पर भगवान विष्णु की पूजा करने के बाद व्रत का पारण किया जाता है।

पापमोचनी एकादशी का महत्व-

पापमोचनी का अर्थ होता है पापों से मुक्ति दिलाने वाली। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन व्रत और पूजा करने से व्यक्ति के पाप नष्ट होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के जाने-अनजाने किए गए पापों का नाश होता है। इस दिन भगवान विष्णुकी पूजा, मंत्र जाप और भक्ति करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है। भक्त मंदिर जाकर पूजा करते हैं और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करते हैं। इस दिन गरीबों को भोजन, वस्त्र या धन का दान करना शुभ माना जाता है। माना जाता है कि इस दिन किया गया दान कई गुना फल देता है।

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Srishti
Srishti author

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्... और देखें

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